प्रेम की महक - फ़ुरकान एस ख़ान की रूहानी क़िता

प्रेम की अनमोल महक और रूहानी एहसास को दर्शाती फ़ुरकान एस ख़ान की सुंदर हिंदी क़िता। दिल को छूने वाली कविता।

Sunday, August 23, 2026
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प्रेम की महक - फ़ुरकान एस ख़ान की रूहानी क़िता
“प्रेम की महक - फ़ुरकान एस ख़ान की रूहानी क़िता”
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23 August 2026
प्रेम की महक - फ़ुरकान एस ख़ान की रूहानी क़िता
Qita
प्रेम की महक हर साँस में घुली है, ये वो आग है जो दिल में जली है। हर पल नया एहसास ये देती है, रूह की गहराइयों तक ये मिली है।
Kaafiya घुली, जली, मिली Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Qita
इश्क़ का चिराग़ जला है जब से, रोशन हुई हर राह तब से। अंधेरे सारे मिट गए पल भर में, ज़ीस्त को मिली है पहचान अब से।
Kaafiya जब, तब, अब Radeef से
F Poetry ByFurkan S Khan

प्रेम की महक

Qita By Furkan S Khan

Kaafiya: घुली, जली, मिली

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News Desk
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