इश्क़ का किनारा

Shayari By Furkan S Khan

Kaafiya: सारा, किनारा, सहारा

Radeef: मिल गया


तेरी आँखों में देखा तो, जहाँ सारा मिल गया,
तेरे इश्क़ में डूबा तो, किनारा मिल गया।
ढूँढता रहा मैं जिसको, हर गली हर शहर में,
तेरी बाँहों में आकर वो, सहारा मिल गया।



Shayari By Furkan S Khan

Kaafiya: खोए, किए, जिए

Radeef: रहेंगे


तेरी चाहत में हम, यूँ ही खोए रहेंगे,
तेरे दीदार को, आँखें नम किए रहेंगे।
तू आए या न आए, ये दिल तो तेरा है,
तेरी यादों के सहारे, हम जिए रहेंगे।



Shayari By Furkan S Khan

Kaafiya: जादू, आरज़ू, तू

Radeef: है


तेरी मोहब्बत का, ये कैसा जादू है,
हर पल तेरा ही, अब तो आरज़ू है।
खोया हूँ तुझमें ऐसे, जैसे कोई फकीर,
मेरी हर खुशी की, वजह बस तू है।