इश्क़ की गहराई
Shayari By Furkan S Khan
Kaafiya: खो गए, हो गए
Radeef: हो गए
तेरी चाहत में हम इस कदर खो गए,
कि खुद को भी अब हम तेरे हो गए।
हर साँस में बस नाम तेरा ही है,
जैसे रूह से रूह का मिलन हो गए।
कि खुद को भी अब हम तेरे हो गए।
हर साँस में बस नाम तेरा ही है,
जैसे रूह से रूह का मिलन हो गए।
Shayari By Furkan S Khan
Kaafiya: देखी है, सजी है, थमी है
Radeef: है
तेरी निगाहों में एक दुनिया देखी है,
हर राह मेरी अब तुझसे ही सजी है।
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा हमसफ़र,
तेरे बिन ज़िंदगी अब कहाँ थमी है।
हर राह मेरी अब तुझसे ही सजी है।
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा हमसफ़र,
तेरे बिन ज़िंदगी अब कहाँ थमी है।
Shayari By Furkan S Khan
Kaafiya: प्यार, इज़हार, सार
Radeef: है
लबों पे ना सही, आँखों में है प्यार,
बिन कहे ही होता है इज़हार।
तेरी हर अदा पे दिल निसार है मेरा,
यही तो है सच्ची मोहब्बत का सार।
बिन कहे ही होता है इज़हार।
तेरी हर अदा पे दिल निसार है मेरा,
यही तो है सच्ची मोहब्बत का सार।