नई सुबह का आगाज़

Nazm By Furkan S Khan

Kaafiya: आस, पास, ख़ास, प्यास

Radeef: है


उम्मीदों का सूरज हर पल निकलता है,
ज़िंदगी का हर लम्हा एक नया मौका देता है।
गिर कर उठना, फिर से चलना, यही है राह,
हर मुश्किल के पार मंज़िल का एहसास है।



Nazm By Furkan S Khan

Kaafiya: राह, गाह, चाह, आह

Radeef: है


थक कर बैठना नहीं, मंज़िल अभी दूर है,
हर कदम पर एक नया इम्तिहान ज़रूर है।
संघर्ष ही तो जीवन की असली पहचान है,
जो चलता रहे, उसी की जीत का शोर है।



Nazm By Furkan S Khan

Kaafiya: रात, बात, साथ, घात

Radeef: है


गहरी रात के बाद सवेरा आता है,
हर मुश्किल के बाद सुकून छाता है।
हार मत मानो, बस कोशिश जारी रखो,
कल का सूरज नई उम्मीदें लाता है।