मोहब्बत का इज़हार

Shayari By Furkan S Khan

Kaafiya: नज़र, क़दर

Radeef: पर


तेरी मोहब्बत का कुछ ऐसा असर है,
मेरी दुनिया तुझसे ही,
तुझसे ही सहर है,
तुझे पाने की चाहत है,
तुझे पाने की क़दर है।



Shayari By Furkan S Khan

Kaafiya: बातें, रातें

Radeef: हैं


वो दूर हैं तो क्या हुआ, यादें तो साथ हैं,
उनकी खामोशी में भी, छुपी कई बातें हैं,
वो साथ नहीं तो क्या, ख्वाबों में मुलाकातें हैं,
ये मोहब्बत की राहें, मुश्किल सी,
पर दिल में उम्मीदें बाकी हैं।



Shayari By Furkan S Khan

Kaafiya: तुम, हम

Radeef: हो


मेरी हर धड़कन में,
बस तुम ही तुम हो,
मेरी हर साँस में,
मेरी हर बात में,
मेरी दुनिया,
बस तुम से ही,
हाँ, तुम ही हो।