सर्वज्ञ नाम संस्कृत मूल का है और इसका अर्थ है 'सब कुछ जानने वाला' या 'सर्वज्ञाता'। जैन धर्म में, यह उपाधि विशेष रूप से तीर्थंकरों को दी जाती है, जिन्होंने केवलज्ञान प्राप्त कर लिया है और ब्रह्मांड के समस्त सत्यों को जान लिया है। यह नाम सर्वोच्च ज्ञान, पूर्ण अंतर्दृष्टि और आध्यात्मिक पूर्णता का प्रतीक है। 'सर्वज्ञ' होना जैन धर्म में मोक्ष प्राप्त आत्मा का अंतिम और सबसे प्रतिष्ठित गुण माना जाता है, जो अज्ञानता के समस्त बंधनों से मुक्त हो चुकी है।

जिन बालकों का नाम सर्वज्ञ रखा जाता है, वे अक्सर बुद्धिमान, खोजी और आध्यात्मिक रूप से प्रवृत्त होते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार, सर्वज्ञ का भाग्यशाली अंक 7 है, जो विश्लेषण, अंतर्ज्ञान और गहन विचार का प्रतीक है। ऐसे व्यक्ति अक्सर रहस्यवाद और दर्शन में रुचि रखते हैं, और जीवन के गहरे अर्थों की तलाश करते हैं। वे स्वाभाविक रूप से ज्ञानी और समझदार होते हैं, और दूसरों को सही मार्ग दिखाने की क्षमता रखते हैं।