दिल्ली के इंडिया गेट पर शुक्रवार सुबह हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। अंकिता भंडारी के माता-पिता, वीरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वे सिक्किम के नए राज्यपाल, दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। उनके साथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के कई अन्य नेता भी मौजूद थे।
सिक्किम राज्यपाल की नियुक्ति पर गहराया विवाद
अंकिता भंडारी के माता-पिता की यह कार्रवाई पूर्व भाजपा राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के ठीक बाद हुई है। उनकी मुख्य आपत्ति इस नियुक्ति को लेकर थी। अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने आरोप लगाया कि दुष्यंत गौतम, जो पहले भाजपा की 'तथ्य-खोज' समिति का हिस्सा थे, ने उनके मामले में कोई मदद नहीं की। उन्होंने इस नियुक्ति को न्याय की लड़ाई में एक बाधा बताया।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें थाने से रिहा कर दिया गया। इस दौरान उन्होंने पूरे देश में आंदोलन चलाने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे।
आक्रोश का कारण और न्याय की मांग
अंकिता भंडारी के माता-पिता लंबे समय से अपनी बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। वे इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को वे इस लड़ाई में एक राजनीतिक हस्तक्षेप के तौर पर देख रहे हैं। उनका मानना है कि इस नियुक्ति से मामले की जांच प्रभावित हो सकती है।
यह विरोध प्रदर्शन उस समय हुआ जब देश में अंकिता भंडारी मामले को लेकर न्याय की मांग लगातार उठाई जा रही है। माता-पिता ने कहा कि वे न्याय मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे। उनका कहना है कि यह सिर्फ उनकी बेटी का मामला नहीं, बल्कि देश की हर बेटी की सुरक्षा और न्याय का सवाल है।
राहुल गांधी भी पहुंचे समर्थन में
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता का समर्थन किया। वह उनके साथ धरने पर बैठे और उनकी मांगों का समर्थन किया। राहुल गांधी ने भी इस नियुक्ति पर सवाल उठाए और न्याय की प्रक्रिया में पारदर्शिता की बात कही। कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा है।
यह घटना राजधानी दिल्ली में एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विरोध का संकेत देती है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है। अंकिता के माता-पिता ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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