मुख्य बातें

  • प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' के 132वें एपिसोड में विभिन्न राष्ट्रीय और सामाजिक विषयों पर बात की।
  • उन्होंने युवा शक्ति, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के महत्व पर विशेष जोर दिया।
  • कार्यक्रम ने एक बार फिर जनभागीदारी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 132वें एपिसोड को संबोधित किया। यह कार्यक्रम देश भर में लाखों श्रोताओं तक पहुंचा, जिसमें पीएम मोदी ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब देश विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

अपने संबोधन की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम को लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का एक अनूठा माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि 'मन की बात' सिर्फ उनका कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह देश के हर नागरिक की भावनाओं और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।

प्रधानमंत्री ने देश की युवा शक्ति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और कौशल विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि कैसे युवा आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण एक और अहम विषय रहा जिस पर पीएम मोदी ने प्रकाश डाला। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियानों में जनभागीदारी के महत्व को दोहराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करना हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है और यह भविष्य के लिए भी आवश्यक है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की बात भी उनके संबोधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। उन्होंने 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना हमारा सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए। यह न केवल हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को भी सशक्त करेगा।

सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत के महत्व पर भी प्रधानमंत्री ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत विभिन्नताओं का देश है और हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। प्रधानमंत्री ने हाल ही में मनाए गए त्योहारों, जैसे ईद उल-फितर, के महत्व और उनके द्वारा दिए जाने वाले एकता और सद्भाव के संदेश पर प्रकाश डाला।

यह कार्यक्रम देश के नागरिकों को एक साझा मंच प्रदान करता है, जहां वे अपनी सफलता की कहानियों, अनुभवों और सुझावों को साझा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कई ऐसे प्रेरणादायक उदाहरणों का उल्लेख किया, जो विभिन्न राज्यों और समुदायों से आए थे, और जिन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। 'मन की बात' का यह 132वां एपिसोड भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसमें प्रधानमंत्री ने देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।

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