Key Highlights

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी से फोन पर बातचीत की।
  • पीएम मोदी ने राष्ट्रपति रायसी और ईरान के लोगों को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
  • प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी शब्दों में निंदा की।

मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात, ईद की बधाई

दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी से फोन पर संवाद किया। इस महत्वपूर्ण बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति रायसी और ईरान के मैत्रीपूर्ण लोगों को ईद-उल-अधा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं, जो विश्वास और बलिदान का प्रतीक है।

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय व वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। यह संवाद ऐसे समय में हुआ है जब भू-राजनीतिक स्थिरता एक महत्वपूर्ण विषय बनी हुई है।

बुनियादी ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान दुनिया भर में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, विशेषकर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर लक्षित हमलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने ऐसी गतिविधियों की कड़ी निंदा की, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और स्थिरता के लिए सीधा खतरा पैदा करती हैं। मोदी ने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण संपत्ति की सुरक्षा आवश्यक है।

भारत लगातार वैश्विक मंच पर ऐसी हिंसा के खिलाफ अपनी आवाज उठाता रहा है। यह बातचीत भारत की इस प्रतिबद्धता को दोहराती है कि वह अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली किसी भी कार्रवाई का विरोध करेगा।

भारत-ईरान संबंध और क्षेत्रीय स्थिरता

भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक रूप से मजबूत और गहरे संबंध रहे हैं। दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग करते रहे हैं, जिसमें व्यापार, ऊर्जा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान प्रमुख हैं। यह बातचीत दोनों देशों के बीच मौजूदा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने साझा हितों और चुनौतियों पर मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मध्य पूर्व में लगातार बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच यह संवाद काफी मायने रखता है।

💡 Did You Know? भारत और ईरान के बीच चाबहार बंदरगाह परियोजना एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक पहल है। यह बंदरगाह भारत को मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक व्यापारिक पहुंच प्रदान करता है, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ती है।

यह उच्च-स्तरीय संवाद दर्शाता है कि भारत वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को सक्रिय रूप से निभा रहा है। भारत क्षेत्रीय भागीदारों के साथ गहरे संबंध स्थापित कर रहा है और वैश्विक चुनौतियों पर अपनी स्पष्ट स्थिति प्रस्तुत कर रहा है।

बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया, जिससे भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिल सकती है। ऐसे राजनयिक संवाद अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में खाड़ी देशों और व्यापक मध्य पूर्व क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं। छात्रों के शैक्षणिक भविष्य से जुड़ी अपडेट्स के लिए, खाड़ी देशों में CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षाएं स्थगित: 12 मार्च की परीक्षा अब 16 मार्च को, छात्रों के लिए अहम सूचना जैसी खबरें भी आवश्यक होती हैं।

यह राजनयिक पहल दोनों देशों के बीच निरंतर संवाद और सहयोग की परंपरा का हिस्सा है। इस खबर पर और अधिक अपडेट के लिए Vews.in पढ़ते रहें।