बहराइच में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी (PWD) द्वारा किए गए नोटिसों पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी है, जिससे प्रभावित व्यक्तियों को जवाब दाखिल करने का समय दिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर 2024 को होगी।

कोर्ट का आदेश

यह मामला PUBLIC INTEREST LITIGATION (PIL) No. - 909 of 2024 के अंतर्गत दर्ज किया गया है। याचिका दायर करने वाली संस्था है Association For Protection Of Civil Rights (Apcr)। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने निम्नलिखित आदेश पारित किए:

बुलडोजर कार्रवाई का कारण

जिला सड़क Kundasar-Mahasi-Nanpara-Maharajganj पर कुछ व्यक्तियों को अवैध निर्माण के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इस मामले में 15 दिनों का समय दिया गया है ताकि प्रभावित लोग अपना जवाब पेश कर सकें। अदालत ने कहा कि इस प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों को शामिल होना चाहिए।

सैयद महफ़ूज़ुर रहमान फ़ैज़ी एडवोकेट ने बताया: "अल्हमदोलिल्लाह, आज बहराइच बुलडोज़र मामले में मैंने एक जनहित याचिका अपनी तंज़ीम Apcr की तरफ़ से हाई कोर्ट में दाखिल की थी। जिस पर आज हाई कोर्ट ने स्पेशल परमिशन दे कर सुनवाई करते हुए डेमोलिशिन रोक दिया।"

आपका, सैयद महफ़ूज़ुर रहमान फ़ैज़ी एडवोकेट, हाई कोर्ट लखनऊ

अगली सुनवाई की तिथि

कोर्ट ने कहा कि यदि प्रभावित लोग 15 दिनों के भीतर जवाब देते हैं, तो संबंधित प्राधिकरण उनके जवाब पर विचार करेगा और एक स्पष्ट आदेश पारित करेगा। इस मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर 2024 को निर्धारित की गई है।

बहराइच में हुई इस कार्रवाई से जुड़े लोगों को न्यायालय द्वारा दिए गए समय का सही उपयोग करना होगा। उच्च न्यायालय की इस रोक से यह साफ है कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का एक कानूनी और न्यायसंगत मार्ग होना चाहिए।

पूरे केस की कॉपी इंग्लिश में नीचे पीसीएफ फाइल में है