बशर - मनुष्य, असर - प्रभाव/परिणाम नाजुक - कोमल, खामोशी - चुप्पी, भोर - सवेरा
हम और ज़िंदगी जीवन का सफ़र: Furkan S Khan की खूबसूरत क़िस्सा Zainab Khatoon 27 days ago जीवन के अनमोल सफ़र पर Furkan S Khan द्वारा लिखी गई एक दिल छू लेने वाली क़िस्सा। खुशियों और गमों के संगम को दर्शाती यह कविता। बशर - मनुष्य, असर - प्रभाव/परिणाम नाजुक - कोमल, खामोशी - चुप्पी, भोर - सवेरा View Full Story & Comments Related Posts उदासी की धुन: विरह में डूबी रोमांटिक शायरी | Furkan S K विश्वासघात: जब अपने ही बन जाएँ परछाईं का धोखा साहस की लौ: जीवन के तूफानों में जलती हिम्मत की शायरी आत्म-प्रेम का प्रकाश: स्वयं को खोजना और जीना