लक्ष्य की ओर

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: नज़दीक, जीत  |  Radeef: है
डर को पीछे छोड़ आओ, बढ़ो तुम आज, हर कदम पे पाओगे तुम, नया एक राज। जो गिर गया, वो उठ के चला, मंज़िल उसकी नज़दीक है, जो रुका, वो खो गया पथ में, जो चला, उसकी जीत है।

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: आते-जाते, चमकते  |  Radeef: रहेंगे
अंधेरों से न घबराना, जलाए रख तू दीया, हर रात के बाद सवेरा, यह कुदरत का किया। तूफानों से न डरना कभी, तूफ़ाँ आते-जाते रहेंगे, जो डटा रहा अपने पथ पर, वो सितारे बन चमकते रहेंगे।