मोहब्बत का एहसास
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: दिल, महफ़िल | Radeef: है
तेरी आँखों में जो देखा, तो एक जहाँ मिला,
तेरे बातों में जो खोया, तो हर पल हसीं लगा।
तू सामने जब आती है, एक अजीब सी महफ़िल है,
मेरे इस वीरान दिल में, तू ही तो एक शमा है।
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: राहें, निगाहें | Radeef: हैं
तेरी मोहब्बत की राहें, बड़ी हसीन लगती हैं,
जब तेरी मोहब्बत की निगाहें, मुझ पर ठहरती हैं।
दुनिया की सारी खुशियाँ, तेरे संग मिलती हैं,
मेरी ज़िन्दगी की हर दुआ, तुझसे ही मुकम्मल होती हैं।