राहों: रास्ते सहते: सहन करते हुए यारों: दोस्तों (यहाँ संबोधन के रूप में) ढल जाए: बदल जाए रूहों: आत्माओं रोशन: प्रकाशित गुलशन: बाग़, बगीचा एहसास: अनुभव युग: समय काल
चुपके से: ख़ामोशी से हंगामा: शोर-शराबा बतला जाती है: बता देती है चुभन: हल्का दर्द या टीस असर: प्रभाव होश: सुध-बुध मनवा जाती है: अपनी बात मनवा लेती है शामिल: शामिल होना हासिल: प्राप्त होना उम्र भर: जीवन भर