खुमार: नशा या मस्ती। करार: शांति, स्थिरता। यह ग़ज़ल ज़िंदगी के सफ़र को धूप-छाँव और अनिश्चितताओं से भरा बताती है, जहाँ सुकून की तलाश है।
गुज़र जाए: बीत जाए। ख़बर: जानकारी। मंज़िल: लक्ष्य। असर: प्रभाव। यह ग़ज़ल जीवन के अनजाने सफ़र, खोने-पाने की अनिश्चितता और मंज़िल की तलाश में भटकते दिल के दर्द को दर्शाती है।