Key Highlights

  • सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो बांग्लादेश की एक पुरानी घटना का है।
  • वीडियो में दिख रही डकैती को सांप्रदायिक रंग देकर पेश किया जा रहा है जो पूरी तरह गलत है।
  • तथ्यों की जांच में पता चला है कि यह वीडियो वास्तव में स्क्रिप्टेड है।

वायरल दावे की पड़ताल

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में कुछ लोगों को एक दंपति के साथ लूटपाट करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए इसे एक खास समुदाय से जोड़कर सांप्रदायिक दावे किए जा रहे हैं। यूजर्स इसे बिना सच्चाई जाने बड़ी तेजी से फॉरवर्ड कर रहे हैं।

क्या है वीडियो का सच?

हमने इस वीडियो की गहन पड़ताल की है। डिजिटल जांच में यह साफ हो गया है कि वीडियो हालिया नहीं है और इसका किसी भी हालिया सांप्रदायिक घटना से कोई लेना-देना नहीं है। यह वीडियो मूल रूप से बांग्लादेश का है और काफी पुराना है। इसे इंटरनेट पर स्क्रिप्टेड वीडियो के रूप में पहले भी देखा गया है।

भ्रामक जानकारी से कैसे बचें?

इंटरनेट पर मौजूद ऐसी क्लिप्स को अक्सर बिना किसी संदर्भ के फैलाया जाता है। किसी भी संवेदनशील वीडियो को शेयर करने से पहले उसके सोर्स और पुराने वर्जन की जांच करना अनिवार्य है। इस मामले में भी, वीडियो को पुरानी फुटेज से निकालकर नए सांप्रदायिक नैरेटिव के साथ जोड़ा गया है ताकि लोगों में भ्रम फैलाया जा सके।

सावधानी ही बचाव है

डिजिटल युग में सूचनाएं पल भर में वायरल हो जाती हैं। लेकिन हर वायरल चीज सच नहीं होती। इस तरह के भ्रामक दावों का उद्देश्य केवल सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करना होता है। विश्वसनीय फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स ने पहले ही इस वीडियो के भ्रामक होने की पुष्टि की है।

🗣️ Share Your Opinion!

क्या आपको लगता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसे भ्रामक वीडियो पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट्स में साझा करें। अधिक जानकारी और ऐसी ही जरूरी अपडेट्स के लिए Vews.in पर बने रहें।