Key Highlights

  • देशभर में इंदिरा आवास योजना के तहत पैसे मिलने के दावे झूठे बताए जा रहे हैं।
  • अधिकारियों ने लोगों को ऐसे फर्जीवाड़े से सतर्क रहने की अपील की है।
  • कई राज्यों में योजना के नाम पर करोड़ों रुपये के गबन और धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं।

हाल के दिनों में, सोशल मीडिया और कुछ अन्य माध्यमों से यह दावा तेजी से फैल रहा है कि केंद्र सरकार की इंदिरा आवास योजना के तहत लाभार्थियों को आर्थिक सहायता मिल रही है। हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इंदिरा आवास योजना में पैसे मिलने का यह दावा पूरी तरह से झूठा और भ्रामक है। यह सिर्फ लोगों को ठगने का एक तरीका भर है।

फर्जी दावों की सच्चाई और सरकारी रुख

भारत सरकार ने 2016 में इंदिरा आवास योजना (IAY) का नाम बदलकर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) कर दिया था। इसके बाद से कोई भी नई राशि इंदिरा आवास योजना के नाम पर सीधे वितरित नहीं की जा रही है। ऐसे में, यदि कोई व्यक्ति इंदिरा आवास योजना के तहत पैसे दिलाने का दावा करता है या किसी तरह की फीस या अग्रिम राशि की मांग करता है, तो यह स्पष्ट रूप से एक धोखाधड़ी है। सरकारी तंत्र ऐसे दावों पर लगातार चेतावनी जारी कर रहा है, ताकि आम जनता इस तरह के जालसाजों का शिकार न बने।

गबन के मामले और धोखेबाजों का जाल

धोखाधड़ी के कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, हाल ही में एक कियोस्क संचालक को इंदिरा आवास योजना के लाभार्थियों के नाम पर करीब 79 लाख रुपये का गबन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस संचालक ने गरीबों के आवास के पैसे अपने निजी खातों में ट्रांसफर कर लिए थे। यह घटना दर्शाती है कि कैसे शातिर अपराधी सरकारी योजनाओं का नाम इस्तेमाल कर आम जनता की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे हैं। स्टाम्प पेपर पर शिकायतें भी सामने आई हैं, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाया गया है, जो इसी कड़ी का हिस्सा है। ऐसे में, लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

नागरिकों के लिए चेतावनी और बचाव के तरीके

अधिकारी जनता से अपील कर रहे हैं कि वे किसी भी ऐसे व्यक्ति पर भरोसा न करें जो इंदिरा आवास योजना या किसी भी सरकारी आवास योजना के तहत पैसे दिलाने का वादा करके रिश्वत या किसी भी प्रकार के शुल्क की मांग करता है। योजनाओं का लाभ सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है और इसके लिए किसी बिचौलिए की आवश्यकता नहीं होती। यदि आपको ऐसी कोई पेशकश मिलती है, तो तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस या संबंधित सरकारी विभाग को सूचित करें। अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे बैंक खाता संख्या या ओटीपी, किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें।

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क्या आपने या आपके किसी परिचित ने इंदिरा आवास योजना या ऐसी किसी अन्य सरकारी योजना के नाम पर पैसे मांगे जाने का अनुभव किया है? ऐसे धोखेबाजों से बचने के लिए आपके पास क्या सुझाव हैं?

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