Key Highlights

  • छात्राओं द्वारा चोर की पिटाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
  • दावा किया गया कि यह भारत में हुई एक सांप्रदायिक घटना है, जिसमें 'जय श्री राम' के नारे लग रहे हैं।
  • तथ्य-जांच में सामने आया कि यह वीडियो पुराना है, बांग्लादेश का है और ऑडियो छेड़छाड़ किया गया है।

गलत सांप्रदायिक दावे से वायरल चोर की पिटाई का वीडियो: जानें सच

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है। इसमें कुछ छात्राएं मिलकर एक चोर की पिटाई करती दिख रही हैं। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह भारत की घटना है और इसमें एक मुस्लिम युवती को 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह दावा पूरी तरह भ्रामक है।

वायरल वीडियो की असलियत का पर्दाफाश

जांच पड़ताल में पता चला है कि यह वीडियो वास्तव में भारत का नहीं है। यह बांग्लादेश में रिकॉर्ड किया गया एक पुराना वीडियो है। घटना कई साल पहले की है और इसका भारत या किसी भी सांप्रदायिक विवाद से कोई संबंध नहीं है। वीडियो में दिख रही लड़कियों ने मवेशी चोरी के एक संदिग्ध को पकड़ा था और उसकी पिटाई की थी।

ऑडियो के साथ की गई छेड़छाड़

वायरल वीडियो में ‘जय श्री राम’ के नारे सुनाई देते हैं। हालांकि, मूल वीडियो के ऑडियो में ऐसा कोई नारा नहीं था। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि वीडियो को एक गलत सांप्रदायिक रंग देने के लिए ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। इस तरह की एडिटिंग का मकसद केवल समाज में विभाजन पैदा करना और गलत सूचना फैलाना होता है। यह घटना मवेशी चोरों से जुड़े एक विवाद का परिणाम थी, न कि किसी धार्मिक असहिष्णुता का।

भ्रामक दावों का खंडन

अक्सर देखा जाता है कि पुराने या विदेशी वीडियो को नए संदर्भों और भ्रामक दावों के साथ सोशल मीडिया पर फैलाया जाता है। ऐसे वीडियो सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और लोगों को गुमराह करने का काम करते हैं। Vews News पाठकों से अपील करता है कि ऐसी किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। सत्यापित स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।

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