Key Highlights
- अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने इस्तीफा नहीं दिया है।
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो AI-जनित 'डीपफेक' है, पुलिस ने बताया फर्जी।
- पुलिस ने गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
अमृतसर सीपी गुरप्रीत भुल्लर के इस्तीफे का AI वीडियो निकला फर्जी
अमृतसर। शहर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के इस्तीफे से जुड़ी खबरें निराधार हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा एक वीडियो, जिसमें उन्हें इस्तीफा देते हुए दिखाया जा रहा है, पूरी तरह से AI-जनित डीपफेक निकला। पुलिस विभाग ने इस फर्जी वीडियो का तत्काल खंडन किया है। कमिश्नर भुल्लर अपने पद पर बने हुए हैं और सामान्य रूप से अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।
वायरल वीडियो का सच: एक खतरनाक 'डीपफेक'
पिछले कुछ घंटों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप जंगल की आग की तरह फैल रही थी। इस क्लिप में सीपी गुरप्रीत भुल्लर को कथित तौर पर अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए दिखाया गया था। इसने तुरंत ही सनसनी मचा दी। हालांकि, थोड़ी ही देर में पुलिस प्रशासन की ओर से इस पर स्पष्टीकरण आ गया। यह वीडियो 'डीपफेक' तकनीक का इस्तेमाल कर बनाया गया है, जो किसी व्यक्ति के चेहरे और आवाज को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से बेहद यथार्थवादी तरीके से बदलकर गलत जानकारी फैलाने में सक्षम है।
पुलिस का त्वरित खंडन और कार्रवाई की चेतावनी
अमृतसर पुलिस ने तुरंत इस मामले पर संज्ञान लिया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सीपी गुरप्रीत भुल्लर ने कोई इस्तीफा नहीं दिया है। विभाग ने ऐसे किसी भी वीडियो को बनाने या आगे फैलाने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है। यह गलत सूचना फैलाने के गंभीर प्रयास को दर्शाता है।
डिजिटल युग में डीपफेक का खतरा
यह घटना डिजिटल युग में डीपफेक तकनीक से उत्पन्न खतरों को उजागर करती है। AI-जनित वीडियो इतने वास्तविक लगते हैं कि आम आदमी के लिए असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी सामग्री समाज में भ्रम, भय और गलतफहमी फैलाने का काम करती है। यह घटना दर्शाती है कि सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना कितना महत्वपूर्ण हो गया है। नागरिकों को ऐसे किसी भी संदिग्ध वीडियो या जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए और आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करनी चाहिए।
पुलिस प्रशासन नागरिकों से अनुरोध कर रहा है कि वे इस तरह की फर्जी खबरों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध सामग्री को अधिकारियों के ध्यान में लाएं। गलत सूचना के इस दौर में सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है। नवीनतम अपडेट्स के लिए Vews.in पर बने रहें।