Key Highlights
- आईआईआईटी हैदराबाद में उमर खालिद पर डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग रद्द।
- सेंसर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने स्क्रीनिंग पर आपत्ति जताई थी।
- संस्थान ने छात्रों को सूचित किया कि अब यह फिल्म प्रदर्शित नहीं की जाएगी।
आईआईआईटी हैदराबाद में डॉक्यूमेंट्री रद्द: सेंसर बोर्ड की आपत्ति
हैदराबाद: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) हैदराबाद में कार्यकर्ता उमर खालिद पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग को रद्द कर दिया गया है। यह फैसला सेंसर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की आपत्ति के बाद लिया गया है। बोर्ड ने संस्थान को इस संबंध में “आवश्यक कार्रवाई” करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद आईआईआईटी प्रशासन ने कार्यक्रम को स्थगित कर दिया।
सेंसर बोर्ड का हस्तक्षेप और संस्थान का फैसला
सेंसर बोर्ड ने स्पष्ट रूप से कहा था कि सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होने वाली किसी भी फिल्म के लिए प्रमाणपत्र अनिवार्य है। उन्होंने IIIT हैदराबाद को भेजे गए अपने पत्र में इस बात पर ज़ोर दिया। डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर उपजे विवाद ने कई सवाल खड़े किए हैं। संस्थान के छात्रों को आंतरिक रूप से सूचना दी गई कि डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन अब नहीं होगा। यह घटना उन आयोजनों के बीच सामने आई है जहाँ शैक्षणिक परिसरों में विभिन्न विषयों पर बनी फिल्मों की स्क्रीनिंग होती रहती है। इस रद्द किए जाने से छात्रों में चर्चा का माहौल है।
उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री: विवाद का केंद्र
यह डॉक्यूमेंट्री कार्यकर्ता उमर खालिद पर केंद्रित है, जो फिलहाल दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। इस फिल्म में उनके जीवन और उनसे जुड़े पहलुओं को दिखाया गया है। हालांकि, फिल्म के प्रदर्शन से पहले ही इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। इसकी सार्वजनिक स्क्रीनिंग के लिए CBFC के प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी, जो नहीं लिया गया था।
CBFC की भूमिका: फिल्मों का नियमन
CBFC, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करता है। इसका मुख्य कार्य भारत में फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन को विनियमित करना है। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रदर्शित होने वाली सामग्री देश के कानूनों और नैतिक मानदंडों के अनुरूप हो। किसी भी फिल्म को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए सेंसर प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। यह प्रक्रिया फिल्मों की सामग्री का मूल्यांकन करती है, ताकि वे बिना किसी आपत्तिजनक दृश्य या संवाद के जनता तक पहुँचें।
इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। संस्थान ने केवल स्क्रीनिंग रद्द होने की सूचना दी है। पूरे मामले पर नज़र बनी हुई है। इस और ऐसी अन्य घटनाओं पर विस्तृत कवरेज के लिए Vews.in पर बने रहें।