Key Highlights

  • सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को भ्रामक पाया गया है।
  • ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के पैर छूने का कोई प्रमाण नहीं है।
  • फैक्ट चेक रिपोर्ट में इस दावे को सिरे से खारिज किया गया है।

वायरल दावे की हकीकत

हाल ही में संपन्न हुए BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने काफी हलचल मचाई। इस वीडियो के साथ दावा किया गया कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने एक हिंदू धर्मगुरु के पैर छुए हैं। देखते ही देखते यह क्लिप ट्विटर और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल गई।

क्या कहता है फैक्ट चेक?

जब हमने इस दावे की गहन पड़ताल की, तो पता चला कि वायरल वीडियो के पीछे का संदर्भ बिल्कुल अलग था। यह वीडियो अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक शिष्टाचार और सामान्य मेल-मिलाप का हिस्सा था, जिसे सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रसारित किया गया। स्वतंत्र फैक्ट चेकर्स ने भी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने ऐसी कोई गतिविधि नहीं की जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है।

कूटनीतिक मर्यादा और सोशल मीडिया

अक्सर बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के दौरान राजनेताओं के फुटेज को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता है। ब्रिक्स जैसे बड़े मंच पर दुनिया भर की नजरें होती हैं, जिसका फायदा उठाकर कई बार गलत सूचनाएं फैलाई जाती हैं। आधिकारिक सूत्रों ने भी इस वायरल दावे पर कोई पुष्टि नहीं की है, जिससे साफ होता है कि यह जानकारी आधारहीन है।

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क्या आपको लगता है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे भ्रामक वीडियो पर लगाम लगनी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट्स में हमारे साथ जरूर साझा करें।

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