अज़रबैजान में स्कूल यूनिफॉर्म के नए नियमों को लेकर विवाद सामने आया है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, हेडस्कार्फ पहनकर स्कूल पहुंची कुछ छात्राओं को कथित तौर पर परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्राएं स्कूल से बाहर निकलते समय रोती हुई दिखाई दे रही हैं।
यूनिफॉर्म नियमों में बदलाव के बाद मामला सामने आया
रिपोर्ट के मुताबिक, अज़रबैजान में सरकारी स्कूलों के यूनिफॉर्म से जुड़े नियमों में हाल ही में बदलाव किए गए हैं। नए नियमों में स्कूल की निर्धारित यूनिफॉर्म की एकरूपता बनाए रखने और शिक्षा व्यवस्था के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के अनुरूप कपड़े पहनने की बात कही गई है।
इसी बदलाव के बाद हिजाब या हेडस्कार्फ पहनने वाली छात्राओं के स्कूल में प्रवेश को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अल जज़ीरा द्वारा साझा किए गए वीडियो में कुछ छात्राएं स्कूल से बाहर आती दिखाई देती हैं और उनमें से कुछ रोती हुई नजर आती हैं।
आधिकारिक नियमों में हिजाब का सीधा उल्लेख नहीं
इस मामले में एक अहम बात यह है कि उपलब्ध आधिकारिक नियमों में हिजाब या हेडस्कार्फ पर सीधे प्रतिबंध का उल्लेख नहीं किया गया है। नियम मुख्य रूप से स्कूल यूनिफॉर्म की एकरूपता और धर्मनिरपेक्ष शिक्षा के सिद्धांतों से जुड़े हैं।
हालांकि, मीडिया रिपोर्टों में इन नए प्रावधानों को हेडस्कार्फ पहनने वाली छात्राओं के स्कूल प्रवेश से जोड़कर देखा जा रहा है। यही वजह है कि इस मुद्दे पर अज़रबैजान में बहस शुरू हो गई है।
स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर नए प्रावधान
नए नियमों के तहत छात्रों से निर्धारित स्कूल यूनिफॉर्म का पालन करने की अपेक्षा की गई है। नियमों के पालन की जिम्मेदारी में अभिभावकों की भूमिका भी तय की गई है, जबकि स्कूल स्तर पर संबंधित मामलों को पेडागॉजिकल काउंसिल के माध्यम से देखा जाना है।
नियमों में अज़रबैजान की राष्ट्रीय पोशाक से जुड़े कुछ अपवादों का भी प्रावधान है। विशेष सांस्कृतिक या राष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान स्कूल प्रशासन की अनुमति से राष्ट्रीय पोशाक या उसके कुछ हिस्सों को पहनने की अनुमति दी जा सकती है।
धर्मनिरपेक्ष शिक्षा और धार्मिक पहनावे पर बहस
अज़रबैजान खुद को एक धर्मनिरपेक्ष देश के रूप में स्थापित करता है और शिक्षा व्यवस्था में भी इस सिद्धांत को महत्व दिया जाता है। ऐसे में नए यूनिफॉर्म नियमों को लेकर यह बहस उठी है कि स्कूलों में निर्धारित ड्रेस कोड किस हद तक लागू किया जाना चाहिए और धार्मिक पहचान से जुड़े पहनावे को लेकर इसकी व्याख्या कैसे की जाए।
फिलहाल सामने आए मामले में छात्राओं के स्कूल से लौटने का वीडियो सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों के जरिए चर्चा में है। आधिकारिक नियमों में हिजाब पर स्पष्ट शब्दों में प्रतिबंध का उल्लेख नहीं होने के कारण मामले की व्याख्या को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आ रहे हैं।
स्रोत: अल जज़ीरा और अज़रबैजान में स्कूल यूनिफॉर्म से जुड़े आधिकारिक नियमों पर आधारित रिपोर्टें।