Key Highlights

  • सऊदी अरब ने अपने राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में व्यापक स्तर पर संशोधन किया है।
  • पाठ्यपुस्तकों से उन संदर्भों को हटाया गया है जो धार्मिक असहिष्णुता को दर्शाते थे।
  • यह कदम क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के 'विज़न 2030' का हिस्सा है।

पाठ्यक्रम में बदलाव की नई दिशा

सऊदी अरब ने अपनी शैक्षिक सामग्री को आधुनिक बनाने की दिशा में एक साहसिक कदम उठाया है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश के नए पाठ्यक्रम से उन विवादास्पद अंशों को हटा दिया गया है, जो लंबे समय से वैश्विक चर्चा का विषय बने हुए थे। इसमें विशेष रूप से वे वाक्य हटाए गए हैं जिनमें जेरूसलम को लेकर सख्त और कट्टर धार्मिक दृष्टिकोण व्यक्त किया गया था।

क्राउन प्रिंस का विज़न 2030

यह बदलाव महज एक शैक्षिक अपडेट नहीं, बल्कि सऊदी समाज में आ रहे बड़े वैचारिक परिवर्तन का संकेत है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का 'विज़न 2030' देश को एक आधुनिक, प्रगतिशील और आर्थिक रूप से विविध राष्ट्र के रूप में स्थापित करने पर केंद्रित है। इस दिशा में शिक्षा व्यवस्था को बदलना उनकी प्राथमिकताओं में से एक है ताकि युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सके।

सहिष्णुता और वैश्विक दृष्टिकोण

अध्ययन और विश्लेषण बताते हैं कि नई किताबों में अब अन्य धर्मों और संस्कृतियों के प्रति सम्मान पर अधिक जोर दिया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि यदि सऊदी अरब को वैश्विक निवेश का केंद्र बनना है, तो समाज को कट्टरपंथी सोच से दूर लाकर उदारवादी बनाना अनिवार्य है। विदेशी पर्यवेक्षक इस पहल को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

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