LIVE: ईरान का दृढ़ संकल्प, 'आत्मसमर्पण नहीं करेंगे', पड़ोसियों से मांगी माफी - US-इजरायल हमले का आठवां दिन
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर कथित तौर पर जारी हमलों के आठवें दिन, ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने एक स्पष्ट और दृढ़ संदेश दिया है कि तेहरान किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। इस बीच, उन्होंने अपने पड़ोसी देशों से किसी भी 'गलतफहमी' या 'गलतियों' के लिए माफी मांगकर एक अप्रत्याशित राजनयिक कदम उठाया है। मध्य-पूर्व में तनाव अपने चरम पर है, और वैश्विक समुदाय शांति की अपील कर रहा है।
ईरान का दृढ़ संकल्प: 'हम आत्मसमर्पण नहीं करेंगे'
ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने अपने सार्वजनिक संबोधन में राष्ट्र के सम्मान और संप्रभुता की रक्षा के लिए ईरान के अटूट संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा, "जो लोग हम पर दबाव बनाना चाहते हैं, उन्हें यह जान लेना चाहिए कि ईरान कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगा। हम अपने देश की गरिमा और स्वतंत्रता को बनाए रखेंगे, और किसी भी आक्रामक कदम का करारा जवाब देंगे।" यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिमी देशों और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्र में उसकी गतिविधियों को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। रईसी ने ईरान की सैन्य शक्ति और किसी भी चुनौती का सामना करने की क्षमता पर भी जोर दिया, जिससे क्षेत्र में स्थिरता को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
पड़ोसियों से माफी: क्षेत्रीय शांति की ओर एक कदम?
राष्ट्रपति रईसी के संबोधन का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू उनकी पड़ोसी देशों से माफी थी। उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग का समर्थक रहा है और रहेगा। रईसी ने कहा, "हम अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहते हैं और किसी भी तनाव को दूर करना चाहते हैं।" उन्होंने ईरान की ओर से हुई 'गलतफहमियों' या 'गलतियों' के लिए माफी मांगी। विश्लेषकों का मानना है कि यह माफी क्षेत्रीय देशों को ईरान के खिलाफ एकजुट होने से रोकने और संभावित रूप से व्यापक संघर्ष को टालने की एक राजनयिक कोशिश हो सकती है। यह संदेश ऐसे समय में आया है जब कई खाड़ी देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यमन व लेबनान जैसे देशों में उसके प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। इस कदम को मध्य-पूर्व में तनाव कम करने और ईरान की छवि को बेहतर बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
संघर्ष का आठवां दिन और वैश्विक चिंताएं
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे कथित हमलों का आज आठवां दिन है, जिससे मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक परिदृश्य बेहद नाजुक हो गया है। वैश्विक समुदाय इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त कर रहा है और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न देशों ने तत्काल युद्धविराम और राजनयिक समाधान की अपील की है ताकि क्षेत्र में एक बड़े विनाशकारी संघर्ष को टाला जा सके। ऊर्जा बाजारों पर भी इस तनाव का सीधा असर दिख रहा है, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार अस्थिरता बनी हुई है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नई चुनौतियां पेश कर रही है।
आगे क्या? कूटनीति बनाम टकराव
राष्ट्रपति रईसी के बयान ने भले ही ईरान के दृढ़ संकल्प को रेखांकित किया हो, लेकिन पड़ोसियों से माफी मांगने का उनका कदम कूटनीति के लिए एक छोटी सी खिड़की खोलता दिख रहा है। हालांकि, अमेरिका और इजरायल के साथ मौजूदा गतिरोध को देखते हुए, स्थिति बेहद अनिश्चित बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक इस बात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं कि क्या यह माफी क्षेत्रीय तनाव को कम करने में मदद करेगी या संघर्ष और गहराएगा। अगले कुछ दिन इस बात का संकेत देंगे कि मध्य-पूर्व शांति की ओर बढ़ेगा या एक बड़े टकराव की ओर।