Key Highlights
- वारंगल की एक महिला मस्कट में फंसी।
- उसे नौकरी के झांसे में विदेश भेजा गया था।
- के.टी. रामा राव ने मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया।
नौकरी के झांसे में फंसी वारंगल की महिला, के.टी.आर. ने संभाला मोर्चा
वारंगल जिले की एक महिला, जिसे बेहतर नौकरी का वादा कर मस्कट भेजा गया था, अब वहां मुश्किलों में फंसी हुई है। कथित तौर पर उसे बंधक बनाकर रखा गया है और उससे जबरन काम कराया जा रहा है। इस गंभीर स्थिति की जानकारी मिलने के बाद, तेलंगाना के पूर्व मंत्री और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने तुरंत दखल दिया है।
महिला की पहचान लक्ष्मी के रूप में हुई है, जो वारंगल जिले के नरसांपेट मंडल की रहने वाली है। उसे एक एजेंट ने अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी का प्रलोभन दिया था, जिसके बाद वह मस्कट गई थी। वहां पहुंचते ही उसे पता चला कि वादा की गई नौकरी और शर्तें पूरी तरह से झूठी थीं। उसकी वास्तविक स्थिति भयावह निकली।
परिवार की गुहार, के.टी.आर. का त्वरित कदम
परिवार के सदस्यों ने के.टी.आर. को अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि लक्ष्मी को वहां शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उसकी स्वतंत्रता छीन ली गई है और उसे वापस घर आने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह सुनकर के.टी.आर. ने फौरन विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को एक पत्र लिखा।
उन्होंने पत्र में लक्ष्मी की तत्काल वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। के.टी.आर. ने भारतीय दूतावास से भी संपर्क करने की बात कही है, ताकि लक्ष्मी को आवश्यक सहायता मिल सके। ऐसे मामले अक्सर सामने आते हैं जहां भोले-भाले लोग बिचौलियों के जाल में फंस जाते हैं और उन्हें विदेशों में शोषण का शिकार होना पड़ता है।
विदेशी नौकरी धोखाधड़ी: एक गंभीर चिंता
तेलंगाना सरकार पहले भी ऐसे कई मामलों में हस्तक्षेप कर चुकी है। खासकर खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस मामले में भी, के.टी.आर. की त्वरित कार्रवाई से लक्ष्मी के परिवार को कुछ उम्मीद मिली है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उनकी बेटी सुरक्षित घर लौट आएगी।
विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को हमेशा ऑफर की सत्यता की जांच करने की सलाह दी जाती है। विश्वसनीय एजेंटों और सरकारी चैनलों का उपयोग करना ही समझदारी है। यह घटना फिर एक बार विदेश में नौकरी के नाम पर होने वाले धोखाधड़ी की भयावहता को उजागर करती है। सरकार और समाज दोनों को ऐसे जालसाजों पर नकेल कसने के लिए मिलकर काम करना होगा।
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