Key Highlights
- अमेरिका ने इराकी एयरलाइन 'फ्लाई बगदाद' पर लगे प्रतिबंध हटाए।
- अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने यह कदम इराक की स्थिरता का समर्थन करने के उद्देश्य से उठाया।
- अमेरिका ने स्पष्ट किया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रति उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
वाशिंगटन: अमेरिका ने इराक की प्रमुख एयरलाइन 'फ्लाई बगदाद' और उसके सीईओ बशीर अब्दुलकादिम अब्दुल्ला अल-शब्बानी पर लगे प्रतिबंध हटा लिए हैं। यह निर्णय वाशिंगटन और बगदाद के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने यह घोषणा की, लेकिन साथ ही जोर देकर कहा कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कुद्स फोर्स (IRGC-QF) के प्रति उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।
इराकी स्थिरता के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता
अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की कि यह प्रतिबंध हटाना इराक की स्थिरता और संप्रभुता के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह कदम इराक के आंतरिक राजनीतिक और आर्थिक सुधारों का समर्थन करने के व्यापक अमेरिकी प्रयासों का हिस्सा है। दरअसल, इराक अमेरिका के लिए मध्य पूर्व में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी रहा है।
ईरान के प्रति नीति अपरिवर्तित
हालांकि, प्रतिबंध हटाए गए हैं, अमेरिका ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी किया। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा, 'यह कदम ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और उसके सहयोगियों के खिलाफ हमारी नीति में किसी भी बदलाव का संकेत नहीं देता है।' अधिकारी इस बात पर अड़े रहे कि ईरान के प्रति उनकी सख्त नीति जारी रहेगी। यह घोषणा क्षेत्रीय गतिशीलता को संतुलित करने के अमेरिकी प्रयास को दिखाती है। वाशिंगटन तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर लगातार दबाव बनाए हुए है।
पहले क्यों लगाए गए थे प्रतिबंध?
'फ्लाई बगदाद' पर पहले IRGC-QF को कथित तौर पर सहायता देने के आरोप में प्रतिबंध लगाए गए थे। अमेरिकी अधिकारियों का दावा था कि एयरलाइन IRGC-QF के लिए हथियार, ड्रग्स और अन्य सामग्री ले जाने में शामिल थी। ये आरोप गंभीर थे। अल-शब्बानी पर भी इसी तरह के आरोप लगे थे। यह प्रतिबंध एक ऐसे समय में लगाए गए थे जब क्षेत्र में तनाव चरम पर था।
आगे की राह
यह निर्णय इराक सरकार के लिए एक राहत है, विशेषकर ऐसे समय में जब वह अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। इससे देश के विमानन क्षेत्र को लाभ होगा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इराकी नेताओं से आह्वान किया कि वे क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने वाले कदम उठाते रहें। यह प्रतिबंध हटाना एक विशिष्ट आर्थिक कदम है, जो व्यापक भू-राजनीतिक रणनीति से अलग है। अमेरिका इराकी संप्रभुता का समर्थन करता है, वहीं ईरान को लेकर उसकी चिंताएं बरकरार हैं। मध्य पूर्व में अमेरिकी कूटनीति की जटिलता स्पष्ट है।
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