Key Highlights

  • अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हमले के बाद ईरान पर सैन्य स्ट्राइक की पुष्टि की।
  • ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साइप्रस-ध्वजांकित पोत पर हमले की जिम्मेदारी ली थी।
  • इस जवाबी कार्रवाई से खाड़ी क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है।

होर्मुज में जहाज पर हमले के बाद अमेरिकी सेना का ईरान पर पलटवार

अमेरिकी सेना ने ईरान पर जोरदार हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज पर हाल ही में हुए हमले के सीधे जवाब में की गई है। पेंटागन के अधिकारियों ने इन स्ट्राइक की पुष्टि करते हुए बताया कि इनका उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया पहले से ही गंभीर भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रहा है।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साइप्रस-ध्वजांकित वाणिज्यिक जहाज 'सिनर्जी' पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, में ईरानी सेना ने कथित तौर पर जहाज पर गोलीबारी की और इसे बंद करने की धमकी भी दी। इस हरकत को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा माना गया।

वाशिंगटन ने इस हमले को सीधे तौर पर उकसावे वाली कार्रवाई के रूप में देखा। अमेरिकी रक्षा विभाग ने बयान जारी कर कहा कि उनके हवाई हमले ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को लक्षित कर किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को बाधित करने के लिए किया जा रहा था। इन स्ट्राइक का मकसद ईरान को भविष्य में ऐसे कृत्यों से रोकना है।

इस ताजा टकराव से मध्य पूर्व में तनाव का एक नया अध्याय खुल गया है। हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान भी क्षेत्र में तनाव की स्थिति बढ़ गई थी। अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही चली आ रही कटुता अब प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष का रूप लेती दिख रही है। ऊर्जा बाजार भी इन घटनाओं पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी प्रकार की अशांति से वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।

फिलहाल, ईरान की ओर से इन अमेरिकी हमलों पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि इस जवाबी कार्रवाई से क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है, जिससे आगे और सैन्य टकराव की आशंका बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।

ऐसी ही नवीनतम और विस्तृत खबरों के लिए Vews.in पर बने रहें।