उड़ान का इरादा
Nazm By Furkan S Khan
Kaafiya: जगाती, दिखाती, बुलाती, लाती, उठाती, बढ़ाती, जलाती
Radeef: है
हर सुबह एक नई किरण, नई उम्मीद जगाती है,
हर कदम एक नया रास्ता, नई मंज़िल दिखाती है।
मत हार हिम्मत ऐ राही, मंज़िल तुझे बुलाती है,
तेरी हर कोशिश, हर लगन, कामयाबी लाती है।
उड़ान भर ऊँची, न डर तू तूफानों से कभी,
तेरी धुन ही तुझे पर्वत से ऊँचा उठाती है।
तेरी हिम्मत ही तुझे सबसे आगे बढ़ाती है,
ये आग जो तुझमें है, हर बाधा जलाती है।
हर कदम एक नया रास्ता, नई मंज़िल दिखाती है।
मत हार हिम्मत ऐ राही, मंज़िल तुझे बुलाती है,
तेरी हर कोशिश, हर लगन, कामयाबी लाती है।
उड़ान भर ऊँची, न डर तू तूफानों से कभी,
तेरी धुन ही तुझे पर्वत से ऊँचा उठाती है।
तेरी हिम्मत ही तुझे सबसे आगे बढ़ाती है,
ये आग जो तुझमें है, हर बाधा जलाती है।
Nazm By Furkan S Khan
Kaafiya: पहचान, बना, दिखा, चला, भूल, रच, सीख, खोज
Radeef: जा
उठ, अपने अंदर की शक्ति को अब तू पहचान जा,
हर डर को छोड़ पीछे, अपनी राह खुद बना जा।
जो सपने देखे हैं तूने, उनको सच कर दिखा जा,
हर चुनौती को ठोकर मार, आगे बढ़ता चला जा।
ये दुनिया क्या कहेगी, इस बात को भूल जा,
अपनी धुन में मगन रह, अपना इतिहास रच जा।
नाकामियों से मत घबरा, उनसे सबक सीख जा,
हर हार के बाद जीत का नया रास्ता खोज जा।
हर डर को छोड़ पीछे, अपनी राह खुद बना जा।
जो सपने देखे हैं तूने, उनको सच कर दिखा जा,
हर चुनौती को ठोकर मार, आगे बढ़ता चला जा।
ये दुनिया क्या कहेगी, इस बात को भूल जा,
अपनी धुन में मगन रह, अपना इतिहास रच जा।
नाकामियों से मत घबरा, उनसे सबक सीख जा,
हर हार के बाद जीत का नया रास्ता खोज जा।
Nazm By Furkan S Khan
Kaafiya: कदम, नज़र, दम, हमदम, बल, पल, खम
Radeef: रख
हौसलों की उड़ान भर, ऊँचा अपना कदम रख,
राहों में चाहे काँटे हों, मंज़िल पे अपनी नज़र रख।
हर सुबह एक नई किरण, दिल में उम्मीद का दम रख,
जो सोचा है तूने, उसे पूरा करने का हमदम रख।
गिरकर उठना है तुझे, हारना नहीं है कभी,
हर चुनौती का सामना करने का तू बल रख।
मेहनत तेरी रंग लाएगी, आएगा वो तेरा पल,
बस तू अपने इरादों में कभी न कोई खम रख।
राहों में चाहे काँटे हों, मंज़िल पे अपनी नज़र रख।
हर सुबह एक नई किरण, दिल में उम्मीद का दम रख,
जो सोचा है तूने, उसे पूरा करने का हमदम रख।
गिरकर उठना है तुझे, हारना नहीं है कभी,
हर चुनौती का सामना करने का तू बल रख।
मेहनत तेरी रंग लाएगी, आएगा वो तेरा पल,
बस तू अपने इरादों में कभी न कोई खम रख।