the love of allah with namrood: नमरूद की अल्लाह ने कैसे परवरिश की, नमरूद से अल्लाह की मोहब्बत

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the love of allah with namrood: नमरूद की अल्लाह ने कैसे परवरिश की, नमरूद से अल्लाह की मोहब्बत

अल्लाह नमरूद से बेइंतहा मोहब्बत करता था, बचपन में अल्लाह ने जिस तरह नमरूद को पाला पोसा, उस तरह किसी कौम को नहीं और न ही किसी नवी की उस तरह से परवरिश की अल्लाह ने, लेकिन हुआ क्या नमरूद हक़ से फिर गया और इब्राहिम अलैहिस्लाम को आग में डलवा दिया।

आइये जानते है अल्लाह ने किस तरह नमरूद को पाला पोसा और बड़ा किया

एक बार अल्लाह ने इजराइल अलैहिस्लाम से पूछा ए इजराइल क्या कभी ऐसा हुआ है तुम्हे किसी की रूह कब्ज करते वक़्त गहरा सदमा लगा हो, इजराइल अलैहिस्सलाम ने अर्ज किया ए अल्लाह बेशक तू जानता है मुझे किसी की भी रूह कब्ज करते वक़्त बहुत सदमा होता है।

लेकिन एक बार की बात है जब एक समंदर में एक कश्ती चल रही थी और आप का इरशाद हुआ कि इस कश्ती को तोड़ दो और उसमें एक औरत और बच्चे को छोड़ दे, और मैंने ऐसा ही किया फिर वो बच्चा और औरत एक टूटे तख्ते पर बैठी अल्लाह की मोजिजत से किनारे लग गई, तब मैं बहुत खुश हुआ फिर या अल्लाह तेरा हुक्म हुआ कि अब उसकी माँ की भी रूह कब्ज करलो और बच्चे को अकेला छोड़ दे, और ए अल्लाह तू बेशक जानता है उस वक़्त मुझे बहुत सदमा हुआ लेकिन उस वाक़या को बीते एक मुद्दत हो चुकी है, लेकिन वह बच्चा मुझे बराबर याद आता है।

अल्लाह ने फिर कहा ए इजराइल क्या तुम जानते हो मैंने उस बच्चे की परवरिश कैसे की?

जब तूने उस माँ की रूह कब्ज की और बच्चे को अकेला छोड़ दिया तब हमने समंदर की एक लहर को हुक्म किया कि इस बच्चे को एक बिरान जजीरे में डाल दे, उस जजीरे में एक बिरान और घाना जंगल था, यहां साप सफआप मीठे पानी के चश्में बहते थे और मेवे के दरख़्त उगाई यहां मैंने अपने फजलो करम से सिर्फ इस बच्चे के लिए लाखों हसीन खूबसूरत परिंदे भेजे जो लालहते चहचहाहते थे और नया अलाप गाते थे।

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और हमने तमाम हसीन फूलों को हुक्म किया कि इस बच्चे के लिए खूबसूरत एक बिस्तर तैयार करो, जिस पर ये बच्चा आराम की नींद सोई, हमने उस जगह को हर खौफ और खतरे से महफूज कर दिया, हमने आसमान को हुक्म दिया कि इस पर अपनी तेज धूप ना डाल, हवा को हुक्म दिया इस पर आहिस्ता आहिस्ता चल बादलों को हुक्म दिया इस पर बारिश न बरसाना बिजली को हिदायत दी खबरदार इस पर तेज से न गर्जना, हसीन फिजाओ को हुक्म दिया इस पर अपनी हसीन फिजाओ से घेर ले!

इसी दिनों एक भेड़िये ने बच्चे दिए थे हमने उसे हुक्म किया कि अपने बच्चे के साथ इस इंशान के बच्चे को भी दूध पिला और इसकी देखभाल कर यहां तक कि इसने भी मेरा हुक्म माना और ये बच्चा खूब सेहतमंद और तंदरुस्त बहादुर हो गया।

हमने इस बच्चे के पाऊँ में कभी एक कांटा भी न चुभने दिया और जिन्नात को हुक्म दिया कि इस बच्चे को बोलना सिखाए और हुकूमत करना सिखाई और ये उसी परवरिश के साथ जबरदस्त बहादुर बना और उस वक़्त ये सुकर भी अदा करता था।

ए इजराइल क्या तुम जानते हो बच्चा अब कहाँ है और क्या कर रहा है।

इजराइल अलैहिस्सलाम ने सजदा करते हुए कहा ए अल्लाह बेशक तुझी को इल्म है, फिर अल्लाह ने कहा ए इजराइल वो बच्चा अब नमरूद बन गया है और देखो वही बच्चा मेरे खलीलुल्लाह इब्राहीम अलैहिस्सलाम को आग में डाला हुआ है, और अब खुदाई का दावा करके लोगो को मेरी रह से हटाता है और उनपर तसादुत करता है।

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