प्रेम की गहरी नज़्म: दिल से रूह तक का सफ़र
फ़ुरक़ान एस ख़ान द्वारा रचित प्रेम पर एक ख़ूबसूरत नज़्म। दिल की गहराइयों से निकली मोहब्बत की दास्तान, जो रूह को सुकून देती है।
दिल की हर धड़कन में तेरा ही नज़राना है
हर साँस में तेरा ही मधुर सा फ़साना है
ये इश्क़ नहीं बस एक एहसास पुराना है
मेरी रूह को बस तेरा ही तो ठिकाना है
जब से तू मिला, बदली हर एक अदा है
ये ज़िंदगी अब और भी हसींन हुई सदा है
तेरी आँखों में डूबा मेरा हर एक लम्हा है
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा खुदा है
Kaafiya नज़राना, फ़साना, ज़माना, ठिकाना, अदा, सदा, लम्हा, खुदा
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
मेरी राहों में तू ही तो मोहब्बत की रौशनी है
हर अंधेरे में तू ही मेरी ज़िंदगी की कहानी है
तेरी यादें मेरे दिल की सबसे प्यारी निशानी है
लबों पर बस तेरा ही नाम, यही मेरी जुबानी है
तेरा साथ हो तो हर पल इक त्योहार सा है
तेरे बिन ये जहाँ भी मुझको बेज़ार सा है
तेरी चाहत में डूबा हर एक मेरा संसार सा है
तू ही तो मेरा सच्चा, अनमोल प्यार सा है
Kaafiya रौशनी, कहानी, निशानी, जुबानी, त्योहार, बेज़ार, संसार, प्यार
Radeef सा है
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Poetry ByFurkan S Khan
प्रेम का अनमोल नज़राना
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: नज़राना, फ़साना, ज़माना, ठिकाना, अदा, सदा, लम्हा, खुदा | Radeef: है
दिल की हर धड़कन में तेरा ही नज़राना है
हर साँस में तेरा ही मधुर सा फ़साना है
ये इश्क़ नहीं बस एक एहसास पुराना है
मेरी रूह को बस तेरा ही तो ठिकाना है
जब से तू मिला, बदली हर एक अदा है
ये ज़िंदगी अब और भी हसींन हुई सदा है
तेरी आँखों में डूबा मेरा हर एक लम्हा है
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा खुदा है
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: रौशनी, कहानी, निशानी, जुबानी, त्योहार, बेज़ार, संसार, प्यार | Radeef: सा है
मेरी राहों में तू ही तो मोहब्बत की रौशनी है
हर अंधेरे में तू ही मेरी ज़िंदगी की कहानी है
तेरी यादें मेरे दिल की सबसे प्यारी निशानी है
लबों पर बस तेरा ही नाम, यही मेरी जुबानी है
तेरा साथ हो तो हर पल इक त्योहार सा है
तेरे बिन ये जहाँ भी मुझको बेज़ार सा है
तेरी चाहत में डूबा हर एक मेरा संसार सा है
तू ही तो मेरा सच्चा, अनमोल प्यार सा है
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