admin Video कुवैत

Vews कुवैत समाचार हिन्दी: कुवैत से प्रवासियों को निकालने की फर्जी खबर वायरल, Rss BJP आईटी सेल ने फैलाई अफवा?

रियाद: मैक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर और फेसबुक पे भारतीयों द्वारा पोस्ट शेयर की जा रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कुवैत भारतीय प्रवासियों को उनके देश वापस भेजेगा जो लोग जुमा के दिन मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम पर की गई अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे थे.

@vews-videos •  • 
 |  0 |  Last seen: 1 month ago

Key Moments

क्या सच में कुवैत प्रवासियों को वापस भेजेगा

इस वायरल खबर को भारत की राइट विंग प्रोपेगेंडा वेबसाइट OpIndia द्वारा 12 जून को साझा किया गया था opindia ने एक ArabTime वेबसाइट के हवाले से दावा किया था की कुवैत उन सभी प्रवासियों को गिरिफ्तार कर स्वदेश वापस भेजेगा जो लोग बीते सुकरवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पूर्व राष्ट्रीय दो प्रवक्ताओं द्वारा मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन का आयोजन किया था फहील क्षेत्र में

इस फर्जी खबर को एनडीटीवी सहित कई भारतीय टीवी चैनल और वेबसाइटों ने प्रमुखता से प्रसारित किया है, लेकिन इस खबर की छानबीन करने से पता चला कि ये खबर फर्जी है।

जिस अरब टाइम वेबसाइट का हवाला देकर इस खबर को वायरल किया जा रहा है उसने भी इसे परमुखता से नहीं छपा है सिर्फ दो प्रग्राफ में लिखे गई आर्टिकल में अरब टाइम ने बताया कि सूत्रों के हवाले से खबर है।

हमने कुवैत के एक सोशल मीडिया एक्टिविट से बात की इस खबर को लेकर, एक्टिविट ने इस बात को नकार दिया कहा अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है सरकार की तरफ से और न ही कुवैत के मीडिया हाउस में अभी तक इसकी जानकारी है।

अरब टाइम की लिखी गई इस खबर पर अभी तक 1075218  व्यूज आ चुके हैं अरब टाइम ने अपने आर्टिकल में लिखा है

पैगंबर मुहम्मद के समर्थन में जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन का आयोजन करने वाले फहील क्षेत्र से प्रवासियों को गिरफ्तार कर लाने के निर्देश जारी किए गए हैं।  सूत्रों ने पुष्टि की कि उन्हें कुवैत से निर्वासित कर दिया जाएगा क्योंकि उन्होंने देश के कानूनों और विनियमों का उल्लंघन किया है जो यह निर्धारित करता है कि कुवैत में प्रवासियों द्वारा धरना या प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जाना है।

अरब टाइम ने आगे लिखा

अल राय की रिपोर्ट के अनुसार, जासूस उन्हें गिरफ्तार करने और निर्वासन केंद्र को उनके देशों में निर्वासित करने और कुवैत में फिर से प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया में हैं।  कुवैत में सभी प्रवासियों को कुवैत कानूनों का सम्मान करना चाहिए और किसी भी प्रकार के प्रदर्शनों में भाग नहीं लेना चाहिए।

अरब टाइम ने जिस अल राय की रिपोर्ट का हवाला दिया दरअसल उसने ऐसी कोई खबर ही नहीं चलाई है, अल राय जॉर्डन की अरबी दैनिक न्यूज वेबसाइट है जो जॉर्डन के अम्मान से प्रकाशित होती है।

गल्फ न्यूज ने इसी खबर को कुवैत से प्रकाशित अल राय मीडिया की रिर्पोट का हवाला देकर छापा है अपनी वेबसाइट पर, इस फर्जी खबर को लेकर भारतीय बहुसंख्यक खुशी मना रहे हैं ट्विटर पर दो दिन से Kuwait ट्रेंड कर रहा है जिसपे अभी तक 52 हजार से ज्यादा ट्वीट्स हो चुके हैं।


हमसे अन्य सोशल मीडिया साइट पर जुड़े