मोहब्बत की राह में कई रंग दिख जाते हैं | शायरी फुरकान एस खान
शायरी फुरकान एस खान: मोहब्बत की राह में गुलाब और कांटे दोनों हैं। इश्क़ के सफर में जज़्बात और अरमान टूटते हैं। पढ़ें प्यार के अनकहे पहलू और जीवन के तजुर्बे।
मोहब्बत की राह में कई रंग दिख जाते हैं, कभी गुलाब बनकर खिलते हैं, कभी काँटे चुभ जाते हैं।
दिल से चाहो जिन्हें वो अक्सर बदल जाते हैं, बिरयानी की ख्वाहिश में कई बार करेलों से मिल जाते हैं।
इश्क के सफर में कई मोड़ आते हैं, कभी खुद से पास, तो कभी दूर हो जाते हैं।
- जिन्हें दिल से चाहो वो सब अपने नहीं होते
- कभी तकदीर रुकती नहीं, कभी ख़्वाब टूट जाते हैं
- हर चेहरे के पीछे एक चेहरा छुपा होता है
- कभी करीब आकर भी लोग दूर हो जाते हैं
दिल की किताब में कई किस्से छुपे मिलते हैं, कभी कुछ अधूरे ख्वाब, तो कभी खामोशी के सिलसिले मिलते हैं।
हर हंसी के पीछे एक दर्द छुपा होता है, कभी खामोशी बोलती है, तो कभी अल्फ़ाज़ रुक जाते हैं।
दिल के सफ़र में ऐसे मोड़ भी आते हैं, जहाँ अपने भी बेगाने नज़र आते हैं। हर चेहरे पर यकीन करना आसान नहीं होता, कभी मुस्कान में छलकते हैं, कभी आंसू बनकर बरस जाते हैं।
- मोहब्बत की राहों में इम्तिहान बहुत होते हैं
- कभी बातों में मिठास, तो कभी खामोशी के घाव होते हैं
- हर हंसी के पीछे एक अफसाना छुपा होता है
इश्क़ वो दरिया है जिसमें डूबना हर कोई चाहता है, पर कुछ लोग किनारे पर ही लौट जाया करते हैं।
इश्क़ की राहों में हर कदम इम्तिहान होता है, कभी मंजिलें पास, तो कभी सफर ही वीरान होता है। जिसे दिल से अपना मानो वो अक्सर दूर हो जाता है, कभी ख्वाब संवरते नहीं, तो कभी तन्हाई का सामान होता है।
- हर निगाह पर ऐतबार नहीं किया करते
- कभी मुस्कान में दर्द, तो कभी आंसुओं में प्यार छुपा होता है
- कभी महफिलों में तनहाई, तो कभी तनहाई में कारवां होता है
कभी दिल की राहें रौशन तो कभी अंधेरों से घिर जाती हैं, इश्क़ की इस बस्ती में कोई मुसाफिर, तो कोई हमसफ़र होता है।