उदासी की चादर: दिल को छू लेने वाली नाज़्म

फ़ुरकान एस ख़ान द्वारा रचित 'उदासी की चादर' नाज़्म में गहरे दुख और अकेलेपन का मार्मिक चित्रण। जीवन की राह पर अनकही बातों और खामोश आँसुओं का एहसास।

Sunday, August 30, 2026
AMP 0 7
ह
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
उदासी की चादर: दिल को छू लेने वाली नाज़्म
“उदासी की चादर: दिल को छू लेने वाली नाज़्म”
Favicon
Vews
https://vews.in/hum-aur-zindagi/chadar-of-sadness-heart-touching-nazm
Date
30 August 2026
उदासी की चादर: दिल को छू लेने वाली नाज़्म
Nazm
रात गहरी है, उदासी साथ है दिल में हर पल एक अनकही बात है ज़िंदगी की राह पर ये कैसी घात है आँखों में नमी, होठों पर सन्नाटा है
Kaafiya रात, बात, घात, साथ Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Nazm
ग़मों का बोझ दिल से उतरता नहीं खुशियों की राह अब नज़र आती नहीं हर पल एक नया दर्द उभरता है ये ज़िंदगी क्यों अब संवरती नहीं
Kaafiya उतरता, आती, उभरता, संवरती Radeef नहीं
F Poetry ByFurkan S Khan
Nazm
आँखों में ख़ामोश आँसुओं का दरिया सा भीड़ में भी दिल ये कितना तन्हा सा हर खुशी अब लगती है बेगाना सा ये गम का सफ़र क्यों इतना गहरा सा
Kaafiya दरिया, तन्हा, बेगाना, गहरा Radeef सा
F Poetry ByFurkan S Khan

घात: हमला या वार। सन्नाटा: खामोशी। नमी: गीलापन, आँसू।

ग़मों: दुखों का। उभरता: सामने आना या प्रकट होना। संवरती: सुधरना या ठीक होना।

दरिया: नदी। तन्हा: अकेला। बेगाना: पराया या अनजान।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab Khatoon
लेखक

A passionate content creator sharing meaningful baby names, Islamic names and their beautiful meanings, along with the latest news and informative stories. Bringing knowledge, culture, and updates together.

Comments (0)

User