दर्द-ए-दिल: फ़ुरक़ान एस ख़ान की उदासी भरी ग़ज़ल
फ़ुरक़ान एस ख़ान द्वारा रचित एक मार्मिक ग़ज़ल 'दर्द-ए-दिल' जो दिल की बेचैनी, उदासी और छिपे हुए गम को बयाँ करती है।
सुकूँ: शांति, आराम जूनूँ: जुनून, पागलपन अश्कों का ख़ून: आँसुओं में खून, अत्यधिक पीड़ा धुन: लय, ध्येय, अवस्था
फ़साना: कहानी, किस्सा ठिकाना: आश्रय, स्थान वीराना: सुनसान जगह, उजाड़ अफ़साना: कहानी, वृत्तांत
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