दर्द की राह: फ़ुर्क़ान एस खान की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल

फ़ुर्क़ान एस खान द्वारा रचित 'दर्द की राह' एक मार्मिक ग़ज़ल है जो उदासी, तन्हाई और जीवन के गहरे दुखों को बयाँ करती है।

Saturday, September 5, 2026
AMP 0 4
ह
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
दर्द की राह: फ़ुर्क़ान एस खान की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल
“दर्द की राह: फ़ुर्क़ान एस खान की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल”
Favicon
Vews
https://vews.in/hum-aur-zindagi/dard-ki-raah-furkan-s-khans-heart-touching-ghazal
Date
05 September 2026
दर्द की राह: फ़ुर्क़ान एस खान की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल
Ghazal
आँखों में फिर से इक नमी आ रही है, दिल में फिर से कोई कमी आ रही है। जो भी सपने थे वो सब बिखरते चले, हर तरफ़ बस यही अब गमी आ रही है। वक़्त की चाल भी अब तो ठहरी हुई, ज़िंदगी यूँ ही बस अब थमी आ रही है। कोई हमदर्द अपना नहीं इस जहाँ में, बस ये तन्हाई ही अब घनी आ रही है। अश्क आँखों से बहते रहे रात भर, कब से ये रूह बस यूँ ही जली आ रही है।
Kaafiya कमी, नमी, गमी, घनी, जली Radeef रही है
F Poetry ByFurkan S Khan
Ghazal
गर उदासी ही अपनी हमसफ़र है, तो क्या करें, और दर्द का गहरा मुझ पे असर है, तो क्या करें। अब तो जीने की कोई भी चाहत नहीं, गर ये ज़िंदगी बस एक बेबसी में बसर है, तो क्या करें। रास्ते सारे वीरान से लग रहे हैं, गर हर एक राह में अब सिर्फ़ पत्थर है, तो क्या करें। कोई अपना नहीं, कोई पराया नहीं, गर ये दुनिया भी मुझ पर ही बेखबर है, तो क्या करें। फ़ुर्क़त-ए-यार का ग़म है इतना भारी, गर ये रूह भी अब दर-ब-दर है, तो क्या करें।
Kaafiya हमसफ़र, असर, बसर, पत्थर, बेखबर, दर-ब-दर Radeef तो क्या करें
F Poetry ByFurkan S Khan

नमी: आँसू, गीलापन। कमी: अभाव, कमी। गमी: दुख, उदासी। थमी: रुकी हुई, स्थिर। घनी: गहरी, सघन। जली: जलना, पीड़ा में होना।

हमसफ़र: साथ चलने वाला, साथी। असर: प्रभाव। बसर: गुज़ारा, जीवन बिताना। पत्थर: यहाँ कठोरता, बाधाओं का प्रतीक। बेखबर: अनजान, लापरवाह। दर-ब-दर: दर-दर भटकना, बेघर।

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab Khatoon
लेखक

A passionate content creator sharing meaningful baby names, Islamic names and their beautiful meanings, along with the latest news and informative stories. Bringing knowledge, culture, and updates together.

Comments (0)

User