उदासी भरा एहसास: Furkan S Khan की दिल को छू लेने वाली नज़्म
Furkan S Khan द्वारा लिखी गई एक खूबसूरत नज़्म जो उदासी और गहरे एहसास को बयां करती है। खामोशी और दिल की गहराइयों को महसूस करें।
खामोशी में डूबा दिल मेरा,
हर पल है जैसे एक सवेरा।
पर इस सवेरे में भी गहरा,
इक उदासी का बसेरा है।
Kaafiya अंधेरा, सवेरा
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
राहें अधूरी सी लगतीं हैं,
जैसे कोई न हो संग मेरा।
भीड़ में भी मैं खुद को,
एक तन्हा परिंदा पाता हूँ।
Kaafiya अकेला, मेला
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
बीते पल की एक याद,
जैसे मन पर छाई है।
भूली बिसरी सी धुन,
मेरे रूह की काया है।
Kaafiya छाया, काया
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
गहराई का एहसास
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: अंधेरा, सवेरा | Radeef: है
खामोशी में डूबा दिल मेरा,
हर पल है जैसे एक सवेरा।
पर इस सवेरे में भी गहरा,
इक उदासी का बसेरा है।
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: अकेला, मेला | Radeef: है
राहें अधूरी सी लगतीं हैं,
जैसे कोई न हो संग मेरा।
भीड़ में भी मैं खुद को,
एक तन्हा परिंदा पाता हूँ।
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: छाया, काया | Radeef: है
बीते पल की एक याद,
जैसे मन पर छाई है।
भूली बिसरी सी धुन,
मेरे रूह की काया है।
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