गम का अफ़साना: फ़ुरक़ान एस खान की उदासी पर ग़ज़ल
फ़ुरक़ान एस खान द्वारा रचित 'गम का अफ़साना' एक मार्मिक ग़ज़ल है जो दिल के दर्द, उदासी और तनहाई को बयां करती है। भावनाओं से भरी यह कविता पढ़िए।
अफ़साना: कहानी, दास्तान। वीराना: उजाड़, ख़ाली जगह। पैमाना: मापदंड, हिसाब। बेगाना: पराया, अजनबी। तराना: गीत, धुन। ठिकाना: जगह, मुकाम।
वजह: कारण। सजा: दंड, पीड़ा। आह: गहरी साँस, दर्द की आवाज़। घुटन: दम घुटना, बेचैनी। कदर: हद तक। फुरकत: जुदाई, अलगाव। कश्मकश: दुविधा, उलझन।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
36°C Riyadh
Comments (0)