गम की गहराई: Furkan S Khan की दिल को छूने वाली नज़्म
Furkan S Khan द्वारा लिखी गई 'गम की गहराई' नज़्म पढ़ें, जो दिल की उदासी और सूनेपन को बयां करती है।
हर लम्हा एक उदासी का साया,
दिल में गहरा एक सूनापन छाया।
आँखों में नमी, होंठों पे खामोशी,
हर तरफ़ बस गम ही गम छाया है।
Kaafiya आसमान, वीरान
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
रात की चादर ओढ़े, दिल रोता है,
अकेलेपन का एहसास, मुझे खोता है।
यादों के साए, संग मेरे चलते हैं,
हर पल ये तन्हाई, मुझमें सोता है।
Kaafiya तन्हाई, जुदाई
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
हर बूँद आँसुओं की, एक कहानी कहती,
बीते लम्हों की, एक अधूरी निशानी रहती।
दिल के ज़ख्मों की, ये गवाही देती,
जिंदगी की राहों में, ये नमी बहती है।
Kaafiya कहानी, निशानी
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
गम की गहराई
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: आसमान, वीरान | Radeef: है
हर लम्हा एक उदासी का साया,
दिल में गहरा एक सूनापन छाया।
आँखों में नमी, होंठों पे खामोशी,
हर तरफ़ बस गम ही गम छाया है।
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: तन्हाई, जुदाई | Radeef: है
रात की चादर ओढ़े, दिल रोता है,
अकेलेपन का एहसास, मुझे खोता है।
यादों के साए, संग मेरे चलते हैं,
हर पल ये तन्हाई, मुझमें सोता है।
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: कहानी, निशानी | Radeef: है
हर बूँद आँसुओं की, एक कहानी कहती,
बीते लम्हों की, एक अधूरी निशानी रहती।
दिल के ज़ख्मों की, ये गवाही देती,
जिंदगी की राहों में, ये नमी बहती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
36°C Riyadh
Comments (0)