प्रेरणादायक शायरी: सपनों की उड़ान - हौसले और कामयाबी की दास्तान
फ़ुरकान एस ख़ान की प्रेरणादायक शायरी 'सपनों की उड़ान' पढ़ें, जो आपको हर चुनौती का सामना करने और अपनी मंज़िल हासिल करने का हौसला देगी।
मंज़िलें मिलेंगी ज़रूर, बस हौसला बनाए रखना,
तूफ़ानों से ना डरना, बस जुस्तजू जगाए रखना।
गिरना और उठना तो दस्तूर है ज़िंदगी का,
हर ठोकर को सीढ़ी बना, बस क़दम बढ़ाए रखना।
Kaafiya बनाए, जगाए, बढ़ाए
Radeef रखना
F
Poetry ByFurkan S Khan
जब अँधेरा घना हो, उम्मीद का चिराग़ जला लेना,
अपनी हिम्मत को ही तुम, अपना रास्ता बना लेना।
दुनिया चाहे कुछ भी कहे, अपने मन की सुनना,
ख़ुद पे यक़ीं रख, हर मुश्किल को पार कर लेना।
Kaafiya जला, बना, पार कर
Radeef लेना
F
Poetry ByFurkan S Khan
समय का पहिया चलता है, तू भी चलता रह,
कर्म की राह पे डटकर, तू बस बढ़ता रह।
ना थकना, ना रुकना, यही तेरा धर्म है,
विजय तेरी होगी निश्चित, बस प्रयास करता रह।
Kaafiya चलता, बढ़ता, करता
Radeef रह
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Poetry ByFurkan S Khan
सपनों की उड़ान
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: बनाए, जगाए, बढ़ाए | Radeef: रखना
मंज़िलें मिलेंगी ज़रूर, बस हौसला बनाए रखना,
तूफ़ानों से ना डरना, बस जुस्तजू जगाए रखना।
गिरना और उठना तो दस्तूर है ज़िंदगी का,
हर ठोकर को सीढ़ी बना, बस क़दम बढ़ाए रखना।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: जला, बना, पार कर | Radeef: लेना
जब अँधेरा घना हो, उम्मीद का चिराग़ जला लेना,
अपनी हिम्मत को ही तुम, अपना रास्ता बना लेना।
दुनिया चाहे कुछ भी कहे, अपने मन की सुनना,
ख़ुद पे यक़ीं रख, हर मुश्किल को पार कर लेना।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: चलता, बढ़ता, करता | Radeef: रह
समय का पहिया चलता है, तू भी चलता रह,
कर्म की राह पे डटकर, तू बस बढ़ता रह।
ना थकना, ना रुकना, यही तेरा धर्म है,
विजय तेरी होगी निश्चित, बस प्रयास करता रह।
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