प्रेरणादायक शायरी: उठो, चलो, बढ़ते रहो - Furkan S Khan
Furkan S Khan द्वारा लिखित यह प्रेरणादायक शायरी आपको जीवन में आगे बढ़ने, चुनौतियों का सामना करने और अपने सपनों को पूरा करने का हौसला देती है।
मंज़िलें: गंतव्य या लक्ष्य। हिम्मतें: साहस, बहादुरी। चुनौती: मुश्किल कार्य, बाधा। हौसला: दृढ़ संकल्प, जोश।
तलाशता: ढूँढता, खोजता। ज़ोर: शक्ति, बल। ठान ले: दृढ़ निश्चय कर ले। रूठता: नाराज़ होता, मुँह मोड़ता।
संघर्ष: कठिनाइयों से जूझना, प्रयत्न। सार: निचोड़, महत्व। ठोकर: बाधा, मुश्किल। इंकार: अस्वीकृति, मनाही (यहाँ अर्थ है 'सफलता से वंचित नहीं रहना')।
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