जीवन का सफ़र: ज़िंदगी पर एक ख़ूबसूरत ग़ज़ल | Furkan S Khan
Furkan S Khan द्वारा रचित 'जीवन का सफ़र' ग़ज़ल पढ़ें। ज़िंदगी के हर मोड़, आशा और प्रेरणा को दर्शाती यह ख़ूबसूरत हिंदी कविता।
ये ज़िंदगी एक अजब सा लंबा सफ़र है।
क्या खोया, क्या पाया, किसे इसकी खबर है।
हर मोड़ पर मिलती नई एक राहगुज़र है।
कभी धूप की तपिश, कभी ठंडी लहर है।
कुछ ख्वाब हैं अधूरे, कुछ दिल में असर है।
जी ले हर पल को, यही जीने की कदर है।
Kaafiya सफ़र, खबर, राहगुज़र, लहर, असर, कदर
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
जो मिला ज़िंदगी से, हमने सब कुछ लिया।
हर पल को हमने जैसे, एक तोहफ़ा दिया।
कुछ ख्वाब थे अधूरे, कुछ यादों में जिया।
वक़्त का दरिया देखो, कैसे बहता गया।
कभी हँसते हुए, कभी आँसू भी पिया।
हर इम्तिहान को हमने, यूँ ही पार किया।
Kaafiya लिया, दिया, जिया, पिया, किया
Radeef गया
F
Poetry ByFurkan S Khan
जीवन का सफ़र
Ghazal — By Furkan S Khan
Kaafiya: सफ़र, खबर, राहगुज़र, लहर, असर, कदर | Radeef: है
ये ज़िंदगी एक अजब सा लंबा सफ़र है।
क्या खोया, क्या पाया, किसे इसकी खबर है।
हर मोड़ पर मिलती नई एक राहगुज़र है।
कभी धूप की तपिश, कभी ठंडी लहर है।
कुछ ख्वाब हैं अधूरे, कुछ दिल में असर है।
जी ले हर पल को, यही जीने की कदर है।
Ghazal — By Furkan S Khan
Kaafiya: लिया, दिया, जिया, पिया, किया | Radeef: गया
जो मिला ज़िंदगी से, हमने सब कुछ लिया।
हर पल को हमने जैसे, एक तोहफ़ा दिया।
कुछ ख्वाब थे अधूरे, कुछ यादों में जिया।
वक़्त का दरिया देखो, कैसे बहता गया।
कभी हँसते हुए, कभी आँसू भी पिया।
हर इम्तिहान को हमने, यूँ ही पार किया।
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