जीवन का रंग: फुरकान एस खान की प्रेरणादायक क़िता

Furkan S Khan द्वारा रचित 'जीवन का रंग' एक सुंदर हिंदी क़िता है जो जीवन के विभिन्न पहलुओं और रंगों को दर्शाती है। प्रेरणा और दर्शन से भरी यह कविता आपको सोचने पर मजबूर कर देगी।

Tuesday, September 8, 2026
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जीवन का रंग: फुरकान एस खान की प्रेरणादायक क़िता
“जीवन का रंग: फुरकान एस खान की प्रेरणादायक क़िता”
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https://vews.in/hum-aur-zindagi/lifes-colors-inspiring-qita-by-furkan-s-khan
Date
08 September 2026
जीवन का रंग: फुरकान एस खान की प्रेरणादायक क़िता
Qita
जीवन एक बहुरंगी चित्र, हर पल नया रंग है, कभी धूप की चमक, कभी छाँव का संग है। हँसते-रोते, गिरते-उठते, यही जीवन का ढंग है, जो सीखा इससे जीना, वही तो सच्चा मलंग है।
Kaafiya रंग, संग, ढंग, मलंग Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Qita
हर राह में न मिले मंजिल, कभी तो राह भटकती है, पर दिल में अगर हो हिम्मत, तो हर बाधा सिमटती है। उम्मीदों की लौ जलाए रख, चाहे दुनिया जलती है, क्योंकि आशा की एक किरण, हर अँधेरा काटती है।
Kaafiya भटकती, सिमटती, जलती, काटती Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Qita
समय का पहिया चलता जाए, न किसी को रोके है, हर पल नया इम्तिहान, हर पल नई ठोके है। जो समझा इसकी चाल को, वही तो आगे सोचे है, क्योंकि बीता हुआ कल, कभी न वापस लौटे है।
Kaafiya रोके, ठोके, सोचे, लौटे Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

बहुरंगी चित्र: कई रंगों से भरी तस्वीर। छाँव का संग: मुश्किलों या आराम का साथ। जीवन का ढंग: जीवन जीने का तरीका। मलंग: फकीर, मस्तमौला, जो दुनियावी मोह-माया से ऊपर उठ चुका हो।

मंजिल: लक्ष्य, गंतव्य। बाधा: रुकावट, मुश्किल। लौ: दीपक की ज्वाला, रोशनी। सिमटती: कम होती, छोटी होती।

इम्तिहान: परीक्षा, कसौटी। ठोके: ठोकर, मुश्किल। चाल: गति, तरीका। लौटे: वापस आए।

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Zainab Khatoon
लेखक

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