प्रेरणादायक गजल: उठो, सवेरा हुआ है

एक प्रेरणादायक गजल जो आपको जीवन की चुनौतियों का सामना करने और सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है। 'उठो, सवेरा हुआ है' शीर्षक वाली यह गजल उम्मीद और हौसले का पैगाम देती है।

Wednesday, September 9, 2026
AMP 0 7
ह
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
प्रेरणादायक गजल: उठो, सवेरा हुआ है
“प्रेरणादायक गजल: उठो, सवेरा हुआ है”
Favicon
Vews
https://vews.in/hum-aur-zindagi/motivational-ghazal-utho-savera-hua-hai
Date
09 September 2026
प्रेरणादायक गजल: उठो, सवेरा हुआ है
Ghazal
अंधेरा जो था, अब कम हुआ है नया सवेरा फिर से हुआ है जो सोए थे, वो जाग उठे हैं मन का हर डर अब भागा है कल की चिंता छोड़ो तुम आज का हर पल नया हुआ है जो चाहा था, वो मिल जाएगा बस हौसला बुलंद हुआ है सफर जो मुश्किल था, वो आसान जीत का परचम लहराया है न हार मानो, न थकना तुम ये वक्त तेरा भी आया है
Kaafiya जागा, भागा, जागा Radeef हुआ है
F Poetry ByFurkan S Khan
Ghazal
थाम के हाथ, उम्मीदें चलीं भूल के सारे ग़म, राहें चलीं तूफ़ानों से डरना कैसा जब हौसले की बाढ़ चली ख्वाबों को हकीकत करना है तो कोशिशें लाखें चलीं गिरना है, संभलना है, फिर उठना ये राहें मंज़िल की ओर चलीं हर मुश्किल को पार करेंगे जब ज़िद अपनी हम पर चली हर पल जीना है, मुस्कुराना है ये जिंदगानी यूं ही चलीं
Kaafiya राहें, आहें, बाहें Radeef चलीं
F Poetry ByFurkan S Khan

कम हुआ है: घटा है, कम हुआ है। जाग उठे हैं: सक्रिय हो गए हैं, चेतना में आए हैं। भागा है: दूर चला गया है, समाप्त हो गया है। नया हुआ है: ताज़ा, नव निर्मित। बुलंद हुआ है: ऊँचा हुआ है, बढ़ा है। लहराया है: फहराया है, प्रदर्शित किया है। आया है: प्राप्त हुआ है, उपस्थित हुआ है।

ग़म: दुख, पीड़ा। हौसले की बाढ़: अत्यंत साहस और हिम्मत। लाखें: बहुत सारी, अनगिनत। संभलना: खुद को संभालना, स्थिर होना। ज़िद: हठ, दृढ़ संकल्प। जिंदगानी: जीवन।

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab Khatoon
लेखक

A passionate content creator sharing meaningful baby names, Islamic names and their beautiful meanings, along with the latest news and informative stories. Bringing knowledge, culture, and updates together.

Comments (0)

User