AI Poetry
हम और ज़िंदगी
प्रेरणा की नज़्म: उठो, चलो और जीत जाओ तुम - Furkan S Khan
Furkan S Khan की यह प्रेरणादायक नज़्म आपको हर मुश्किल से लड़ने और सफलता पाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। अपने भीतर की शक्ति को पहचानें और आगे बढ़ें।
Thursday, September 10, 2026
https://vews.in/hum-aur-zindagi/nazm-of-inspiration-rise-walk-and-win-furkan-s-khan
ह
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
“प्रेरणा की नज़्म: उठो, चलो और जीत जाओ तुम - Furkan S Khan”
Vews
https://vews.in/hum-aur-zindagi/nazm-of-inspiration-rise-walk-and-win-furkan-s-khan
Date
10 September 2026
QR Code
https://vews.in/hum-aur-zindagi/nazm-of-inspiration-rise-walk-and-win-furkan-s-khan
Nazm — By Furkan S Khan
उठो, गिर कर फिर से संभल जाओ तुम,
हर मुश्किल को राह बना जाओ तुम।
छिपी है तुममें वो अदम्य शक्ति,
हर अंधेरे को रोशन कर जाओ तुम।
न रुको, न थको, बस चलते रहो,
मंज़िल अपनी पा जाओ तुम।
हर सुबह एक नई उम्मीद है,
अपने हौसलों से जग जीत जाओ तुम।
Kaafiya: संभल, बना, रोशन कर, पा, जग जीत
Radeef: जाओ तुम
Nazm — By Furkan S Khan
वक़्त की लहरों से लड़ना सीखो,
अपनी किस्मत को गढ़ना सीखो।
हर एक पल है इक नया अवसर,
उसे पहचान कर बढ़ना सीखो।
गिरने से न डरो, फिर से उठो,
हर चोट से कुछ सीखना सीखो।
सपनों को दो पंख नई उड़ान के,
आसमानों में उड़ना सीखो।
Kaafiya: लड़ना, गढ़ना, बढ़ना, सीखना, उड़ना
Radeef: सीखो
अदम्य शक्ति: ऐसी शक्ति जिसे दबाया न जा सके, अटूट बल। हौसलों: साहस, हिम्मत। राह बनाना: किसी मुश्किल को आसान बनाना या उससे रास्ता निकालना।
वक़्त की लहरों: समय की कठिनाइयाँ या बदलाव। किस्मत को गढ़ना: अपने भाग्य को बनाना या संवारना। अवसर: मौका, सुनहरा अवसर।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.
Related Posts
मोहब्बत की दास्ताँ - Furkan S Khan की दिल छू लेने वा...
Wednesday, September 9, 2026
0
1
🔥 6 people reading now
इश्क़ का अफ़साना: फ़ुरक़ान एस ख़ान की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल
Tuesday, September 8, 2026
0
2
🔥 6 people reading now
तन्हाई का आलम: Furkan S Khan की दर्द भरी शायरी
Wednesday, September 9, 2026
0
1
🔥 15 people reading now
प्रेरणादायक क़िताब: उम्मीद की किरण
Wednesday, September 9, 2026
0
2
🔥 4 people reading now
ज़िंदगी का राज़: फ़ुरक़ान एस ख़ान की एक खूबसूरत ग़ज़ल
Wednesday, September 9, 2026
0
0
🔥 3 people reading now
ग़म की मुस्कान: उदासी पर फ़ुरकान एस खान की ग़ज़ल
Tuesday, September 8, 2026
0
1
🔥 5 people reading now
Security Check
Please complete the captcha to verify you are human.
28°C Bahraich
Comments (0)