प्रेम का रूहानी एहसास: दिल को छू जाने वाली क़िता | Furkan S Khan
फरकान एस खान द्वारा प्रस्तुत प्रेम पर एक सुंदर क़िता, जो जीवन को संवारने वाले रूहानी एहसास को बयाँ करती है।
प्रेम है वो रूहानी एहसास, जो दिल में ठहर जाए,
हर गम को भुलाकर, ज़िंदगी को संवार जाए।
इसकी गहराइयों में डूबो तो पाओगे सुकून,
हर पल को यह खुशियों से निखार जाए।
Kaafiya संवार, निखार
Radeef जाए
F
Poetry ByFurkan S Khan
प्रेम वो खामोश ज़ुबां है, जो आँखों से बयां हो,
हर धड़कन में जिसकी मीठी सी धुन समाई हो।
ये वो बंधन है जो कभी टूटता नहीं,
हर सांस में जिसकी खुशबू सी महक आई हो।
Kaafiya समाई, आई
Radeef हो
F
Poetry ByFurkan S Khan
प्रेम एक सफ़र है, जिसमें खो जाना ही मंज़िल है,
हर मोड़ पर मिलती नई सी एक महफ़िल है।
न कोई राह मुश्किल, न कोई दूरी का गम,
बस साथ हो तेरा, तो हर पल रंगीन और हासिल है।
Kaafiya महफ़िल, हासिल
Radeef है
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Poetry ByFurkan S Khan
प्रेम का रूहानी एहसास
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: संवार, निखार | Radeef: जाए
प्रेम है वो रूहानी एहसास, जो दिल में ठहर जाए,
हर गम को भुलाकर, ज़िंदगी को संवार जाए।
इसकी गहराइयों में डूबो तो पाओगे सुकून,
हर पल को यह खुशियों से निखार जाए।
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: समाई, आई | Radeef: हो
प्रेम वो खामोश ज़ुबां है, जो आँखों से बयां हो,
हर धड़कन में जिसकी मीठी सी धुन समाई हो।
ये वो बंधन है जो कभी टूटता नहीं,
हर सांस में जिसकी खुशबू सी महक आई हो।
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: महफ़िल, हासिल | Radeef: है
प्रेम एक सफ़र है, जिसमें खो जाना ही मंज़िल है,
हर मोड़ पर मिलती नई सी एक महफ़िल है।
न कोई राह मुश्किल, न कोई दूरी का गम,
बस साथ हो तेरा, तो हर पल रंगीन और हासिल है।
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