गम का दरिया: फरकान एस खान की उदासी भरी शायरी
फरकान एस खान की दिल को छू लेने वाली उदासी भरी शायरी। गम और अकेलेपन को बयां करते ये अल्फाज़। पढ़ें और महसूस करें दर्द की गहराई।
दरिया: नदी, सागर। डूबता: डूब रहा है। रिश्ता: संबंध। टूटता: टूट रहा है। नमी: गीलापन, आँसू। लबों: होंठों पर। खामोशी: चुप्पी। ख्वाब: सपना। लूटता: लूटा जा रहा है।
तन्हाई: अकेलापन। आदत: स्वभाव, लत। फुरकत: जुदाई, अलगाव। नमी: गीलापन (आँसुओं से)। लबों: होंठों पर। मुस्कान: हँसी। हसरत: अधूरी इच्छा, आरज़ू।
लाख: बहुत, अनेक। मुस्कान: हँसी। तूफान: आँधी, बवंडर। छुपा: छिपा हुआ। दुनिया: संसार, लोग। बेजान: निर्जीव, जिसमें जान न हो।
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