सफ़र-ए-ज़िंदगी: फरकान एस खान की प्रेरणादायक नज़्म
फरकान एस खान की 'सफ़र-ए-ज़िंदगी' एक खूबसूरत नज़्म है जो जीवन के हर उतार-चढ़ाव को एक अनोखे सफ़र के रूप में प्रस्तुत करती है। प्रेरणा और उम्मीद से भरी यह कविता जीवन के हर पल को जीने का संदेश देती है।
सफ़र: यात्रा, राह; निराला: अनोखा, अद्भुत; उजाला: प्रकाश; सहारा: मदद, अवलंब; नज़ारा: दृश्य; निखारा: संवारा, बेहतर बनाया; दरिया: नदी।
सफ़र: यात्रा; ख़बर: सूचना, समाचार; असर: प्रभाव; हुनर: कला, कौशल; लम्हे: पल, क्षण; इम्तिहान: परीक्षा; अनमोल: बहुत कीमती; दान: भेंट।
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