तन्हाई का आलम: Furkan S Khan की दर्द भरी शायरी
Furkan S Khan द्वारा लिखी गई तन्हाई और अकेलेपन पर एक खूबसूरत शायरी। इस शायरी में जुदाई के दर्द और यादों का जिक्र है।
तन्हाई: अकेलापन, आलम: माहौल/स्थिति
अधूरी: पूरी न हुई, अश्क: आँसू
बेगानगी: अपनापन न होना, बिखरी: अस्त-व्यस्त
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