उदासी का साया: दिल छू लेने वाली दर्द भरी शायरी

Furkan S Khan द्वारा प्रस्तुत, उदासी और दर्द को बयां करती यह शायरी आपके दिल को छू जाएगी। पढ़ें और महसूस करें हर लफ्ज़ का गहरा एहसास।

Saturday, September 12, 2026
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उदासी का साया: दिल छू लेने वाली दर्द भरी शायरी
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Date
12 September 2026
Shayari — By Furkan S Khan
हर खुशी के बाद एक गम आता है, दिल के कोने में कहीं थम जाता है। आँखों में नमी, लबों पे खामोशी, ये कैसा दर्द है जो सहम जाता है।
Shayari — By Furkan S Khan
अकेलेपन का ये आलम भी क्या खूब है, हर राह, हर मोड़ पर तू ही तू है। भीड़ में भी अक्सर खुद को खोया पाया, शायद ये दिल अब तन्हाई का आदी है।

इस शायरी में 'गम' का अर्थ है दुःख या पीड़ा। 'थम जाता है' का अर्थ है रुक जाता है या ठहर जाता है। 'नमी' का मतलब है गीलापन या आँसू और 'खामोशी' का अर्थ है चुप्पी। 'सहम जाता है' का अर्थ है डर जाता है या सिमट जाता है, यहाँ दर्द के प्रभाव को दर्शाता है।

इस शायरी में 'आलम' का अर्थ है अवस्था या स्थिति। 'खूब' का प्रयोग यहाँ व्यंग्यात्मक रूप से किया गया है, जिसका अर्थ है बहुत अच्छा। 'आदी' का अर्थ है अभ्यस्त या जिसे किसी चीज़ की आदत पड़ गई हो, यहाँ तन्हाई की आदत।

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Zainab
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