उदासी का साया: फ़ुरकान एस ख़ान की मार्मिक क़ितआ
फ़ुरकान एस ख़ान द्वारा रचित 'उदासी का साया' में गहरे दुख और आंतरिक वेदना का चित्रण। यह क़ितआ उदासी के हर पल के एहसास को बयां करती है।
कसक: हल्का दर्द या टीस। शब: रात। उदासी: दुख, मायूसी।
आभास: एहसास, प्रतीति। आलम: अवस्था, स्थिति। जुदाई: बिछड़ना, अलगाव।
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